कोरबा (ट्रैक सिटी) नगर निगम कोरबा के लोकार्पण कार्यक्रम में महापौर, सभापति और पार्षदो को आमंत्रित नहीं करने की चूक पर उठा तूफान आयुक्त के खेद व्यक्त करने के साथ समाप्त हो गया। सभापति के मांग पर कार्रवाई करते हुए निगम सचिव को नोटिस जारी कर 3 दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। जनप्रतिनिधियों के अपमान पर सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने अल्टीमेटम दिया था कि सोमवार को कार्यवाही नहीं होने पर वे सभापति की कुर्सी हटाकर जमीन पर बैठकर काम करेंगे।
शनिवार को केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने अग्रसेन चौक, कोसाबाडी चौक तथा आईटीआई चौक में नगर सौंदर्यकरण योजना के तहत प्रतीक चिन्हो का लोकार्पण किया था। सुनालिया मल्टी लेवल पार्किंग के पास इव्ही चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण भी किया गया। नगर निगम द्वारा आयोजित लोकार्पण कार्यक्रमो में महापौर संजू देवी राजपूत तथा सभापति नूतन सिंह ठाकुर की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई थी, इन तीनों कार्यक्रमों में क्षेत्रीय पार्षद भी नदारत रहे। पार्षद एवं अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में नूतन सिंह ठाकुर द्वारा महापौर, सभापति और क्षेत्रीय पार्षदों को सूचना नहीं दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त करने तथा दोषी अधिकारी कार्यवाही नहीं करने पर जमीन पर बैठकर काम करने की चेतावनी के बाद निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया था। कोरबा से लेकर रायपुर तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच खींचतान की चर्चा होने लगी थी। अनेक पार्षदो ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया और पार्षदों की उपेक्षा करने की शिकायतें करते हुए सभापति के विरोध प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया। केबिनेट मंत्री के कार्यक्रम का अघोषित बहिष्कार से शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था। अंदरखाने से महापौर और सभापति को मनाने का प्रयास किया जाता रहा। महापौर सपरिवार पुरी दर्शन के लिए शहर से बाहर थी इसलिए सोमवार को साकेत भवन खुलते ही सभी की निगाह सभापति के अगले कदम पर लगी हुई थी। शाम के समय नूतन सिंह ठाकुर नगर निगम के साकेत भवन पहुंचे और सीधे जमीन पर टावेल बिछाकर बैठकर काम करने लगे, इस दौरान पर रविशंकर नगर के पार्षद अब्दुल रहमान तथा पंप हाउस वार्ड के पार्षद रामकुमार साहू भी सभापति के समर्थन में जमीन पर बैठ गए। सभापति के समर्थक पहले से निगम कार्यालय में उनका इंतजार कर रहे थे। सभापति के जमीन पर बैठने की खबर लगते ही निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर की नोटिस जारी कर 03 दिनों में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है, उपायुक्त पवन वर्मा ने सभापति को आयुक्त द्वारा कारवाई करने की सूचना से अवगत कराया गया। निगम आयुक्त ने महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और सभापति नूतनसिंह ठाकुर को फोन कर खेद भी जताया। आयुक्त की कार्रवाई और इस प्रकार के घटनाक्रम की पुनरावृत्ति नहीं होने के आश्वासन के बाद सभापति ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। लोकार्पण कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को सूचना नहीं देना जानबूझकर किया गया कदम था अथवा प्रशासनिक चूक का नतीजा था यह तो अंदर ही बात है लेकिन सभापति ने अपने कड़े तेवर ने निगम प्रशासन को बता दिया कि जनप्रतिनिधियों के साथ किसी भी प्रकार की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

