कोरबा

एग्रीस्टेक फार्मर आईडी. किसानों के लिए डिजिटल सशक्तिकरण की नई पहल।

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग रायपुर द्वारा राज्य के कृषक पंजीयन अभियान के संबंध में विस्तृत दिषा निर्देष जारी किया गया है।

कृषक पंजीयन डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देष्य देष भर के कृषि भूमिस्वामी की एक व्यापक और एकीकृत पंजीयन बनाना है। यह पंजीयन यह सुनिष्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि सरकारी योजनांए और लाभ सही लाभार्थियों तक कुषलतापूर्ण पहुंचे। कृषक पंजीयन न केवल पारदर्षिता को बढ़ावा देती है बल्कि कृषि अनुदान, बीमा और इसी तरह की अन्य सहायता प्रणालियों के विवरण को भी सुव्यवस्थित करती है। कृषक पंजीयन कृषि क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन का अभिन्न अंग है जिससे कृषकों की आजीविका में सुधार के लिए बेहतर योजनाएं, नीति निर्माण और संसाधन का आबंटन संभव हो पाता है। कृषक पंजीयन कृषि भ्ूामिधारक के पहचान पत्र ;फार्मर आईडीद्ध को भूमि स्वामित्व के साथ जोड़कर कृषक को सत्यापित करती है।

*एग्रीस्टेक फार्मर आई.डी. क्यों है जरूरी और कैसे बनवाएं -*

किसान स्वयं ऑनलाइन पोर्टल https://cgfr.agristack.gov.in./farmer-registry-cg/#/ द्वारा पंजीयन के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकते है, साथ ही लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से एवं सहकारी समिति के पोर्टल से पंजीयन करा सकते है। जहां आधार आधारित किसानों का विवरण सत्यापन के बाद किसान को एक यूनिक फार्मर आई.डी. (ग्यारह अंक की) जारी की जाती है। विभाग द्वारा राजस्व, कृषि एवं लोेक सेवा केन्द्र के ( व्ही.एल.ई.) के साथ संयुक्त टीम द्वारा चयनित ग्राम पंचायतों में 31 जुलाई 2026 तक विषेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी किसान को योजना से वंचित न होना पड़े।

*पंजीकरण हेतु आवश्यक दस्तावेज -*

पंजीकरण के लिए किसान को आधार कार्ड, आधार लिंक्ड मोबाईल नंबर और खसरा/बी-1 अनिवार्य है।

*प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार -*

सहायक संचालक कृषि के मार्गदर्शन में कार्य को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए कृषक द्वारा स्व पंजीकरण के संबंध में संबंधित विभागीय मैदानी अमलों के अधिकारियों/कर्मचारियों को विशेष/विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। वरिष्ठ कृषि अधिकारी/ग्रा.कि.वि.अधिकारी/किसान मित्र/ के द्वारा ग्राम/ग्राम पंचायतों में लोक सेवा केन्द्र एवं समितियों के माध्यम से एग्रीस्टेक बनाने हेतु प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिससे जिले के कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।

उप संचालक कृषि द्वारा जिले के सभी किसान भाई-बहनों से अपील की गई है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, धान बेचने वाले किसान एवं समितियों में खाद/उर्वरक/कृषि ऋण लेने वाले कृषक अपने नजदीकी सेवा सहकारी समितियों/लोक सेवा केन्द्र में आवश्यक दस्तावेज के साथ उपस्थित होकर एग्रीस्टेक पोर्टल अंतर्गत 11 अंकों का एग्रीस्टेक आई.डी. बनवा सकते है। और एग्रीस्टैक से संबंधित समस्त शासकीय योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।

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