रायपुर/कोरबा (ट्रैक सिटी) छत्तीसगढ़ के स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, कोरबा के इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड वृद्धि, हॉस्टल सुविधा एवं अन्य लंबित मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इंटर्न डॉक्टर एसोसिएशन ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे अस्पताल की ग्राउंड-लेवल स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों एवं रेजिडेंट डॉक्टरों के मार्गदर्शन में वे वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी, आईसीयू, लेबर रूम तथा अन्य विभागों में मरीजों की देखभाल और दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एसोसिएशन के अनुसार वर्तमान में कई जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर NEET-PG परीक्षा की तैयारी के लिए अवकाश पर हैं। ऐसे समय में अस्पताल की नियमित सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने में इंटर्न डॉक्टरों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इसके बावजूद उनका कहना है कि वर्तमान स्टाइपेंड बढ़ते कार्यभार एवं महंगाई के अनुरूप नहीं है तथा सभी इंटर्न डॉक्टरों के लिए पर्याप्त हॉस्टल सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
इंटर्न डॉक्टरों की प्रमुख मांगें
– स्टाइपेंड में तत्काल एवं उचित वृद्धि।
– सभी इंटर्न डॉक्टरों के लिए पर्याप्त हॉस्टल सुविधा।
– सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण।
– लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान।
इंटर्न डॉक्टर एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मरीजों को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि इंटर्न डॉक्टरों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां, आवश्यक सुविधाएं और सम्मानजनक स्टाइपेंड सुनिश्चित कराना है। एसोसिएशन ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
यह आंदोलन प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टरों की कार्य परिस्थितियों, स्टाइपेंड और बुनियादी सुविधाओं को लेकर चल रही चर्चा को एक बार फिर प्रमुखता से सामने लेकर आया है।

