RCRS का दावा—रेस्क्यू हमने किया, फोटो खिंचवाने से कोई रेस्क्यूअर नहीं बन जाता
कोरबा (ट्रैक सिटी)। कोरबा वन मंडल के करतला वन परिक्षेत्र अंतर्गत तरदा के तालाब में मिले मगरमच्छ के रेस्क्यू को लेकर अब विवाद सामने आया है। रेप्टाइल केयर एंड सोसायटी (RCRS) के अविनाश यादव ने दावा किया है कि मगरमच्छ का रेस्क्यू उन्होंने और उनकी टीम के सदस्य मानस ने किया है। रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को कोटमीसोनार ले जाकर सुरक्षित रूप से रिलीज किया गया।
अविनाश यादव ने बताया कि तरदा तालाब से मगरमच्छ के रेस्क्यू की खबर को कुछ लोगों द्वारा भ्रामक तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। उनका आरोप है कि रेस्क्यू का श्रेय लेने के लिए किसी अन्य व्यक्ति द्वारा मौके के फोटो और वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जबकि वास्तविक रेस्क्यू उनकी टीम ने किया।
उन्होंने कहा कि “सिर्फ फोटो खिंचवा लेने से रेस्क्यू नहीं होता। मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ना, उसे बाहर निकालना और फिर निर्धारित स्थान पर रिलीज करना मेहनत और तकनीकी कौशल का काम है।”
अविनाश यादव ने कहा कि वे मौके से लौटने के बाद मगरमच्छ के रेस्क्यू और कोटमीसोनार में किए गए रिलीज का वीडियो उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने दावा किया कि वीडियो सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि तरदा में मगरमच्छ के रेस्क्यू के दौरान वास्तविक रूप से किसने मेहनत की थी।
RCRS की ओर से यह भी कहा गया है कि वन्यजीव रेस्क्यू जैसे संवेदनशील मामलों में बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी व्यक्ति या संस्था को श्रेय देना उचित नहीं है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

