कोरबा (ट्रैक सिटी)। जिले में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और शहर से भारतमाला परियोजना के मार्ग तक सुगम आवागमन उपलब्ध कराने की दिशा में वाणिज्य एवं उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने पहल की है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी को पत्र लिखकर सरस्वती शिशु मंदिर, सीतामणी से उरगा तक लगभग 10 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन के रूप में विकसित करने की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।
मंत्री देवांगन ने अपने पत्र में क्षेत्र की वर्तमान यातायात व्यवस्था और सड़क की आवश्यकता का उल्लेख करते हुए कहा है कि सीतामणी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर क्षेत्र से उरगा की ओर भारतमाला परियोजना के सड़क मार्ग तक वर्तमान में पर्याप्त एवं व्यवस्थित संपर्क मार्ग उपलब्ध नहीं है। इसके कारण स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों तथा वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शहर के प्रवेश मार्ग पर बढ़ रहा वाहनों का दबाव
सीतामणी क्षेत्र कोरबा शहर के महत्वपूर्ण प्रवेश मार्गों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। वहीं सरस्वती शिशु मंदिर और आसपास के शैक्षणिक संस्थानों के कारण विद्यार्थियों तथा अभिभावकों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। ऐसे में मौजूदा सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ने से जाम और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
मंत्री ने पत्र में बताया कि वर्तमान मुख्य मार्ग सिंगललेन होने के कारण भारी वाहनों के साथ-साथ छोटे एवं निजी वाहनों को भी इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है। सड़क की क्षमता और बढ़ते यातायात के बीच यह व्यवस्था आने वाले समय में और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
भारत माला मार्ग से सीधे जुड़ाव पर जोर
प्रस्तावित फोरलेन सड़क बनने से सीतामणी क्षेत्र का भारतमाला परियोजना के प्रमुख सड़क मार्ग से बेहतर संपर्क स्थापित हो सकेगा। इससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने के साथ ही उरगा एवं आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है।
मंत्री देवांगन ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से सीतामणी से उरगा तक करीब 10 किलोमीटर फोरलेन सड़क निर्माण को स्वीकृति देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यह सड़क केवल आवागमन की सुविधा बढ़ाने वाली परियोजना नहीं होगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
भारी वाहनों के दबाव से मिलेगी राहत
कोरबा औद्योगिक जिला होने के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही भी बड़ी संख्या में होती है। मौजूदा सिंगललेन मार्ग पर भारी वाहनों और सामान्य यातायात के एक साथ संचालित होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे में फोरलेन सड़क बनने से यातायात को व्यवस्थित करने और वाहनों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने में मदद मिल सकती है।
मंत्री देवांगन ने जनहित और क्षेत्र के व्यापक विकास को दृष्टिगत रखते हुए केंद्र सरकार से इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया है। अब निगाहें केंद्र सरकार की ओर हैं कि सीतामणी-उरगा फोरलेन परियोजना को कब मंजूरी मिलती है और कोरबा की इस महत्वपूर्ण सड़क कनेक्टिविटी को धरातल पर कब उतारा जाता है।

