कवर्धा/कोरबा (ट्रैक सिटी)। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने 16 सितंबर को कवर्धा जिले के दौरे के दौरान दूरस्थ आदिवासी अंचल से जिला मुख्यालय तक बच्चों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण एवं समीक्षा की। उन्होंने बैरख के विशेष जनजातीय बैगा क्षेत्र में बाल चौपाल 2.0 के माध्यम से बच्चों से संवाद किया और विभिन्न शैक्षणिक व आवासीय संस्थानों का निरीक्षण किया।
संस्थानों में मिली कमियां, तत्काल सुधार के निर्देश
आदिवासी बालक आश्रम बैरख सहित अन्य संस्थानों के निरीक्षण में साफ-सफाई की कमी, भंडार गृह में गंदगी, शिक्षकों की कमी तथा मलेरिया से बचाव की व्यवस्थाओं में कमियां सामने आईं। आयोग अध्यक्ष ने नई मच्छरदानियां उपलब्ध कराने, शिक्षकों की कमी के संबंध में आवश्यक पत्राचार करने तथा स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। हाईस्कूल में साइंस इक्विपमेंट की कमी और अव्यवस्था को भी तत्काल ठीक कराने कहा गया।
शासकीय बालक गृह कवर्धा के निरीक्षण के दौरान डॉ. शर्मा ने बच्चों के साथ रात्रि भोजन किया और एक बच्चे का जन्मदिन भी मनाया।

बाल चौपाल में बच्चों ने साझा किए अनुभव
बैरख में आयोजित बाल चौपाल 2.0 में बच्चों ने आयोग अध्यक्ष के समक्ष खुलकर अपनी बातें रखीं। क्विज और बाल अधिकारों पर आधारित सांप-सीढ़ी जैसे खेलों के माध्यम से बच्चों को जागरूक किया गया। गुड टच-बैड टच, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल विवाह सहित विभिन्न विषयों पर भी संवाद हुआ।
डॉ. शर्मा ने जनजातीय क्षेत्र के बच्चों की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया।
एकलव्य विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद
एकलव्य आवासीय विद्यालय तरेगांव में आयोग अध्यक्ष ने विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के लक्ष्य और राष्ट्र सेवा से जुड़े विचार साझा किए। आयोग अध्यक्ष ने बच्चों की समस्याओं को समय रहते सामने लाने के लिए नियमित काउंसलिंग और आवश्यक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

कलेक्टर सभागृह में विभागों की समीक्षा
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर सभागृह में हुई बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, संस्थागत व्यवस्थाओं और बाल अधिकारों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। आश्रम शालाओं व छात्रावासों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। स्थायी शिक्षक की नियुक्ति होने तक गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे विषयों के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने कहा गया।
बैठक में COTPA एक्ट, बालश्रम अधिनियम और PCPNDT एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच समन्वय और सतत अनुश्रवण पर जोर दिया गया। महिला एवं बाल विकास तथा श्रम विभाग को PMMVY और मिनीमाता महतारी जतन योजना के पात्र हितग्राहियों को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
आयोग अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए बाल हितों को प्राथमिकता दी जाए।

