नई दिल्ली/रायपुर। केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज की मासिक वेतन सीमा ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 सितंबर 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। नई व्यवस्था 17 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी।
सरकार के अनुसार, वेतन सीमा बढ़ाए जाने से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में आने की उम्मीद है। इससे ₹15 हजार से अधिक और ₹25 हजार तक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि, पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा विस्तारित होगा।
केंद्र सरकार ने बताया कि EPFO की वेतन सीमा सितंबर 2014 में बढ़ाकर ₹15 हजार की गई थी। इसके बाद वेतन स्तर और कई राज्यों में न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि को देखते हुए अब सीमा को ₹25 हजार करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे रोजगार के औपचारिकीकरण और दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
इस निर्णय के तहत सरकार पर अनुमानित ₹11,339 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक व्यय आएगा। पांच वर्षों में अनुमानित अतिरिक्त खर्च करीब ₹56,696 करोड़ बताया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों कामगारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि EPFO की अनिवार्य कवरेज सीमा ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार किए जाने से लाखों कामगार परिवारों को भविष्य निधि, पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय कैबिनेट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय श्रमिक कल्याण और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने वाला है।
क्या बदला?
EPFO अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा: ₹15,000 से ₹25,000 प्रतिमाह
प्रभावी तिथि: 17 सितंबर 2026
संभावित नए कर्मचारी: 51 लाख से अधिक
सामाजिक सुरक्षा में PF, पेंशन और बीमा का दायरा
अनुमानित अतिरिक्त सरकारी व्यय: ₹11,339 करोड़ प्रतिवर्ष
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