बालको, एनटीपीसी और एसईसीएल की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
कोरबा (ट्रैक सिटी)। जिले की औद्योगिक कंपनियों में रोजगार और अन्य कार्यों के नाम पर कथित कमीशनखोरी का मुद्दा उठाते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के कोहड़िया स्थित निवास में कथित तौर पर चढ़ावा चढ़ाए बिना लोगों के काम नहीं होते। अग्रवाल ने बालको, एनटीपीसी, लैंको और एसईसीएल जैसी कंपनियों में नौकरी से लेकर अन्य कार्यों तक में पैसे की मांग किए जाने का दावा करते हुए इस व्यवस्था को आम लोगों और रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं के हितों के खिलाफ बताया।
पूर्व मंत्री ने मंत्री के परिजनों, करीबियों और कुछ अन्य लोगों पर भी कथित दलाली में शामिल होने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में चपरासी जैसे पद पर नौकरी पाने के लिए भी पैसे देने की स्थिति बन गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में उद्योग मंत्री या संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है।
एसईसीएल की जनसुनवाई और रोजगार का मुद्दा उठाया
जयसिंह अग्रवाल ने एसईसीएल की जनसुनवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि आठ गांवों के ग्रामीणों ने अपने अधिकारों और मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन किया था। उनके अनुसार, ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन को पहले जनसुनवाई स्थगित करनी पड़ी और बाद में दोबारा आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर विचार करना पड़ा।
अग्रवाल ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के बाद 200 से अधिक लोगों को रोजगार मिल चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कथित कमीशनखोरी की गुंजाइश नहीं बन पाने के कारण अब मंत्री एसईसीएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि करीब तीन साल बाद मंत्री ने एसईसीएल के कामकाज को लेकर नाराजगी जाहिर की है, जबकि भूविस्थापितों और ग्रामीणों की समस्याओं के दौरान ऐसी सक्रियता दिखाई नहीं दी।
भूविस्थापितों की समस्याओं पर भी उठाए सवाल
पूर्व मंत्री ने कुसमुंडा सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में भूविस्थापितों, ग्रामीणों और महिलाओं की समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार लंबे समय से पुनर्वास, रोजगार और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नजर नहीं आई। उन्होंने सवाल किया कि प्रभावितों की मांगों और अधिकारों को लेकर उद्योग मंत्री ने समय रहते प्रभावी पहल क्यों नहीं की।
कथित कमीशनखोरी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
जयसिंह अग्रवाल ने बालको, एनटीपीसी सहित अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कथित कमीशनखोरी और दलाली के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों में पारदर्शिता मिले और औद्योगिक परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के अधिकार सुरक्षित रहें, इसके लिए इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
पूर्व मंत्री के इन आरोपों से कोरबा जिले की औद्योगिक राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के आसार हैं। अब उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। आरोपों की वास्तविकता संबंधित पक्षों के जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

