कोरबा (ट्रैक सिटी)। नगर पालिक निगम कोरबा के कोरबा जोन में ठेकेदारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और निर्माण कार्यों से संबंधित भुगतान फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने का मामला सामने आया है। नगर निगम कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन, कोरबा ने इस संबंध में कोरबा जोन की कार्यपालन अभियंता सुश्री रुचि साहू के विरुद्ध शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष असलम खान द्वारा जारी शिकायत पत्र मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री लखनलाल देवांगन, मुख्य सचिव, कोरबा कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और महापौर को भेजा गया है।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि निगम के अंतर्गत कार्यरत कुछ ठेकेदारों ने संबंधित अधिकारी पर कथित रूप से अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने और उचित व्यवहार नहीं करने की शिकायत की है। एसोसिएशन का आरोप है कि पूर्ण किए जा चुके निर्माण कार्यों तथा प्रगतिरत कार्यों से संबंधित भुगतान की फाइलें भी कई दिनों तक लंबित रखी जाती हैं। भुगतान की स्थिति जानने अथवा समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों से मिलने पहुंचने वाले ठेकेदारों को भी कथित तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
*समयबद्ध भुगतान और निष्पक्ष जांच की मांग*
एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि ठेकेदारों के साथ व्यवहार संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही भुगतान फाइलों को लंबित रखने के कारणों की समीक्षा कर नियमानुसार लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, एसोसिएशन ने भविष्य में ठेकेदारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
*कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी*
शिकायत पत्र में एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि शिकायतों का उचित निराकरण नहीं किया जाता है, तो छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन एवं नगर निगम कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन, कोरबा नियमानुसार आंदोलन करने और निर्माण कार्य बंद करने जैसे कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं। एसोसिएशन ने प्रशासन से समय रहते हस्तक्षेप कर विवाद का समाधान करने की मांग की है।
फिलहाल, शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी का पक्ष तथा प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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