राम कचहरी फुटका पहाड़ पर धार्मिक आयोजन, भजन जैमिंग और हनुमान चालीसा पाठ ने बांधा समा
कोरबा (ट्रैक सिटी)। धर्म, आस्था, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शनिवार को राम कचहरी, फुटका पहाड़ में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 13 किलोमीटर की धर्मयात्रा के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश दिया गया। धार्मिक आस्था और सामाजिक सरोकारों को जोड़ने वाली इस पहल में भजन जैमिंग, हनुमान चालीसा पाठ और हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा जैसे आयोजन आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम में फिल्म हनुमान अंश के मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्या की मौजूदगी भी विशेष आकर्षण रही। आयोजन के माध्यम से लोगों को धर्म और संस्कृति से जुड़ने के साथ ही अपने आसपास के प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
धर्मयात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि समाज को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना भी रहा। आयोजकों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने की आवश्यकता पर जोर दिया। लोगों से अपील की गई कि वे धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक धरोहरों की स्वच्छता बनाए रखें तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें।
स्वच्छता दीदियों, अंगदान करने वालों और जागरूक अभिभावकों का सम्मान
कार्यक्रम में समाज के लिए प्रेरणादायी कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने की पहल भी की गई। इसके तहत स्वच्छता के क्षेत्र में योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों, अंगदान के लिए आगे आने वाले लोगों और ऐसे अभिभावकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल फोन नहीं देने का निर्णय लिया है।
इस पहल के जरिए स्वच्छता कर्मियों के योगदान को सम्मान देने, अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को मोबाइल फोन के अनावश्यक इस्तेमाल से दूर रखने वाले अभिभावकों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
धर्म के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि धर्म और आस्था का महत्व समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने में भी है। स्वच्छता बनाए रखना, प्रकृति की रक्षा करना और अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। आयोजकों ने लोगों से ऐसे धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों को पहचानने और उन्हें संरक्षित करने की अपील की, जिन्हें समय के साथ लोग भूलते जा रहे हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से कोरबा में सामाजिक जागरूकता, धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया।

