कोरबा

कांग्रेस की वार्ड रैलियों के सामने शाह की सभा पड़ी फीकी , रामपुर व कटघोरा से जुटानी पड़ी भाड़े की भीड़, केवल ढाई हजार में सिमटी भीड़

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कोरबा,15 नवंबर (ट्रैक सिटी) 11 महीने पहले भी अमित शाह कोरबा के इंदिरा स्टेडियम में आए थे। तब स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। लेकिन आज घंटाघर ओपन थिएटर में संख्या उससे घटकर आधी रह गई। आलम यह रहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर हल्ला उड़ाने का प्रयास हुआ कि पीएम मोदी आ रहे हैं। अमित शाह की सभा से ज्यादा भीड़ तो कांग्रेस की वार्ड रैलियों में देखने को मिली। जहां हजारों की तादात में लोग अपनी मर्जी से शामिल हुए थे। फ़ोटो कांग्रेस के केवल एक वार्ड रैली की है। जबकि ऐसी ढेर सारी रैलियों का आयोजन कांग्रेस ने बुधवार को किया था।

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जबकि दूसरी तरफ भाजपा द्वारा लायी गयी भाड़े की भीड़ ने सारा चिट्ठा खोल दिया। हालात यह थे कि अमित शाह के नाम पर भी लोग सभा में आने को तैयार नहीं थे। लोगों को यह पता भी नहीं था कि किस नेता की सभा होने वाली है। उन्हें तो बस मतलब है, सभा में जाने के बाद वहां मिलने वाले भाड़े से। सूत्रों की माने तो हर व्यक्ति को सभा मे आने 100 से ₹200 की रकम दी गई थी। आने के लिए दिया गया था। जिसके कारण भेड़िया इकट्ठा हुई.

सभा में भी ज्यादातर महिलाएं थीं। जिन्हें वहां किराए के वाहनों में ढोकर सभा स्थल तक लाया गया था। इन्हें ना तो सभा से कोई दिलचस्पी थी ना भाजपाइयों से, उन्हें मतलब था तो सिर्फ उनके दिन भर के मेहनताने से। भाजपाइयों ने वाहनों का प्रबंध कर लोगों को घर से ढोकर स्थल तक पहुंचा और फिर उन्हें वापस छोड़ा। तब जाकर उनकी सभा में कुछ भीड़ जुट सकी।

 

50 के बजाय शाह सिर्फ 15 मिनट रुके :

कोरबा के सभा के बारे में गृह मंत्री को यह बात पता थी। प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें 50 मिनट का समय कोरबा में गुजारना था। लेकिन वह लगभग 15 मिनट ही रुके। भाषण दिया और वापस चलते बने। उन्होंने दूर खड़े लखन को पास बुलाया भाजपा उनके सामने ही मंच पर तीतर बितर हो गए थे। अमित शाह ने उन्हें इशारा करके व्यवस्थित रहने को भी कहा।

मंच पर ही भाजपाइयों ने खींची एक दूसरे की टांग-

वैसे तो भाजपाई खुद को अनुशासित बताते हैं। कहते हैं कि भाजपा के कार्यकर्ता अनुशासन में रहते हैं। लेकिन आज मंच पर इनकी कलई खुल गई। गृह मंत्री अमित शाह जैसे कद के नेता मंच पर आने वाले थे। तब भाजपा के पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर को बोलने के लिए आमंत्रित किया गया। अब ननकी राम माइक छोड़ने को तैयार नहीं थे। विकास महतो से लेकर सभी भाजपाई ननकी राम के कान में कह रहे थे कि माइक छोड़ दीजिए अमित शाह आने वाले हैं। ननकी कह रहे थे ठीक है उन्हें आने दो मेरा समय क्यों बर्बाद करते हो और यह सब जनता के समक्ष हो रहा था। इसे लेकर जनता ने खूब मजे लिए,भाजपाइयों की मंच से खूब किरकिरी हुई।

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