कोरबा

नया पहंदा मे गुरु घासीदास जी का 265 जयंती समारोह हर्षोल्लास से सम्पन्न

विभिन्न राजमहंतों द्वारा बाबा जी के संदेशों का किया गया वाचन

 

कोरबा/ 31 जनवरी 2022 को परम पूज्य प्रातः स्मरणीय वंदनीय संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी का 265 जयंती समारोह सतनाम युवा मंच नया पहंदा के आयोजकत्व में हर्षोल्लास एवम चौका आरती के साथ कोविड दिशा निर्देश के अनुरूप संपन्न हुआ । प्रदेश के विभिन्न जिलों से पधारे राजमहंतो द्वारा बाबा जी का सन्देश का वाचन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि जगमोहन मार्कण्डेय भूतपूर्व उपाध्यक्ष गिरौधपुरी धाम, एवम् अध्यक्षता वरिष्ठ राजमहंत बी डी कोसले, बोडसरा धाम विकासक रहे। विशिष्ठ अतिथि राजमहंत ग्वाल अनंत अध्यक्ष नगर पंचायत अध्यक्ष पथरिया जिला मुंगेली, राजमहंत मिश्रा गांधी बंजारे, शशिकांत डहरिया, डॉ प्यारेलाल आदिले अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्डी प्राध्यापक, के डी कुर्रे जशपुर संयुक्त सचिव राष्ट्रीय मानवाधिकार, सुरेंद्र खूटे प्रदेश उपाध्यक्ष छ ग प्रदेश सतनामी समाज , रामलाल मार्तंड उपाध्यक्ष सौ गंवा सतनामी समाज पताडी धाम, के डी नंदे सेवा निवृत्त तहसीलदार, विजय पाट्रे, अधिवक्ता उच्च न्यायालय बिलासपुर, एस एन शिव प्रदेश सहसचिव छ ग सतनामी समाज ,महन्त दामोदर बघेल, अमोलदास बघेल, श्याम लाल पाटील, रमेश चौधरी सूरजपुर रहे। अतिथियोँ के द्वारा उपस्थित संत समाज को बाबा जी के संदेशों एवम मूल सिध्दांतों का अनुपालन करने हेतु प्रेरित किया गया।

“जात पात मानय नही, सत के महिमा गाय।
पावन जेखर आचरण, ओ सतनामी आय।। तथा .. सतनाम पर विश्वास करो। मूर्ती पूजा मत करो। जात पात के प्रपंच मे मत पड़ो। नशा सेवन मत करो। चोरी और जुआ से दूर रहो। ब्याभिचार मत करो। पर स्त्री को माता समान देखो।

ऐसे बाबा जी के आदर्श विचारों के अनुरूप उन्हे प्रेरणास्वरूप मानते हुए सतनाम समाज को अपने जीवन मे ढालने का प्रयास करना चाहिए। मुख्य अतिथि राजमहंत जगमोहन मार्कण्डेय जी द्वारा अपने उद्बोधन मे गिरौदपुरी धाम का गुणगान करते हुए बताया कि गुरुद्वारा के निकट जोड़ा जैतखाम स्थित है जो कि निर्गुण निराकार सतनाम धर्म का प्रतिक चिन्ह के रूप मे विद्यमान है जिसमे श्वेत धजा सादगीयता, सदाचरण, सद्भाव, समानता, समरसता, सहिष्णुता, भाईचारा, और विश्व मानव समुदाय को सतनाम का सन्देश देता हुआ फहरा रहा है। इस भाव को मानव समाज को समझना होगा बताया। अंत मे गुलाब बघेल ब्याख्यता द्वारा अतिथियों एवम उपस्थित संत समाज का आभार प्रकट किया जाकर सन्तोष टांडे, ओमप्रकाश बघेल शिक्षक के द्वारा जयंती समारोह का समापन किया गया।

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