कोरबा

पीएम-आशा योजनांतर्गत अरहर, उड़द, एवं मूंग फसल के किसानों का पंजीयन प्रारंभ

मैदानी अमला किसानों के पंजीयन के लिए सक्रिय

 

कोरबा /खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (पीएम-आशा योजना) के तहत् शासन ने दलहन उपार्जन हेतु समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। जिसके लिए किसानों से समर्थन मूल्य पर अरहर, उड़द एवं मूंग की खरीदी को लेकर तैयारी प्रारंभ हो गई हैं । पीएम आशा योजनांतर्गत जिले में मूंग उड़द की खरीदी अगले महीने 17 अक्टूबर से 16 दिसंबर तक की जाएगी। अरहर की खरीदी आगामी वर्ष से 13 मार्च से 12 मई 2023 के मध्य की जाएगी। एकीकृत पोर्टल पर इन फसलों को लगाने वाले सभी किसानों का पंजीयन शीघ्र करने हेुत शासन द्वारा निर्देश जारी हुए है। उपसंचालक कृषि श्री अनिल शुक्ला ने बताया कि अरहर,उड़द एवं मूंग फसलों की बुवाई करने वाले कृषकों का पंजीयन प्रारंभ हो गया है। इन फसलों की बुवाई करने वाले कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों या ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के माध्यम से आवेदन का सत्यापन करवाकर सेवा सहकारी समितियों में आवेदन पत्र के साथ ऋण पुस्तिका बी-1, बी-2 आधारकार्ड एवं बैंक पासबुक की छायाप्रति जमा कर सकते है। किसान पोर्टल पर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करके पंजीयन करवा सकते है। पंजीयन की अंतिम तिथी 31 अक्टूबर 2022 तय की गई है। इस योजना अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में पंजीकृत किसानों से अरहर, उड़द एवं मूंग फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) द्वारा उर्पाजन किया जावेगा। जिले में इन फसलों के उर्पाजन हेतु शासन द्वारा कोरबा में उर्पाजन केन्द्र चिन्हाकिंत किया गया है।
इसी प्रकार शासन द्वारा प्रदेश में कोदो के लिए भी समर्थन मूल्य 3000 रू प्रति क्विं. एवं रागी हेतु 3300 रू प्रति क्वि. तय किया है। वर्ष 21-22 में सिरमिना, पिपरिया, जल्केतनेरा, पालीबुढ़ापारा एवं जटगा, अमलीकुंडा वनोपज समितियों में कुल 111.30 क्विंटल कोदो का समर्थन मुल्य में क्रय किया गया था। जिले के दोनो वनमंडलो में कोदो-रागी करी खरीदी हेतु 82 वनोपज समितियों का चयन किया गया है। किसान कोदो एवं रागी को अपने निकटतम वनोपज समिति में विक्रय कर सकते है। इसके अलावा जिन क्षेत्रो में कोदो-रागी का उत्पादन अधिक है वहां वजोपज समिति नही होने पर नवीन समिति प्रारंभ करने हेतु योजना तैयार किया जा रहा है। उसी प्रकार वर्ष 2021-22 में मक्का के लिये 1870 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया गया था। कोदो एवं रागी, मक्का उपार्जन के लिए भी समस्त किसानों को ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से समिति में एकीकृत पोर्टल में पंजीयन कराना होगा। ऐसे सभी किसान जिन्होंने दलहन एवं कोदो रागी के लिये एकीकृत पोर्टल में अपना पंजीयन कराया है वे राजीव गांधी योजनांतर्गत आदान सामग्री हेतु प्रदाय राशि के लिए भी पंजीकृत होगें। फसल उत्पादन को प्रोेत्साहित करने हेतु शासन द्वारा कृषकों के हित में राजीव गांधी किसान न्याय योजना का संचालन किया जा रहा है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत धान के साथ अन्य फसल (दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, उद्यानिकी फसल) लगाने पर प्रति एकड़ 9 हजार एवं फसल परिवर्तन कर धान के बदले अन्य फसल लगाने पर प्रति एकड़ 10 हजार रूपये मिलेगें।
उपसंचालक कृषि ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में धान के बदले अन्य फसलों को बढ़ावा देने के संबंध में सरकार द्वारा विशेष कार्यक्रम चलाते हुए खरीफ 2022 में जिले को फसलवार कुल 21228 हेक्ट. का रकबे का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसमें जिले को कृषि फसलों हेतु कुल 11430 हेक्ट. एवं उद्यानिकी फसलों हेतु 9798 हेक्ट. का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। धान के बदले प्रमुख रूप से सुगंधित धान, फोर्टिफाईड धान, मक्का, मिलेट्स, दलहन, तिलहन, साग, सब्जी एवं अन्य नगदी फसल लेने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। कलेक्टर श्री झा के निर्देशानुसार दिए गए तकनीकी प्रशिक्षण के उपरांत जिले में प्रशासनिक अमला फसल परिवर्तन की जागरूकता एवं गिरदावरी कार्य हेतु मैदान में सक्रिय है। एकीकृत पोर्टल में जिन किसानों के फसल एवं रकबे का पंजीयन किया जा रहा है उनका राजस्व अमलों के द्वारा गिरदावरी कर भुईंया पोर्टल (राजस्व पोर्टल) में चढ़ाया जाना आवश्यक है तभी किसानों को राजीव गांधी योजना का लाभ मिल पाएगा। उप संचालक कृषि श्री अनिल शुक्ला के द्वारा दलहन, कोदो-रागी का विक्रय करने एवं राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ लेने हेतु सभी किसानों को एकीकृत पोर्टल में अधिक से अधिक पंजीयन कराने हेतु कृषकों से अपील की गई है। जिले के सभी किसानों को योजनांतर्गत लाभ दिए जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

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