कोरबा

बकाया राजस्व वसूली के लिए निगम हुआ सख्त

आयुक्त के निर्देश पर बडे़ बकायादारों की सूची तैयार, दी जा रही नोटिस, 15 दिवस में जमा करें बकाया राशि, अन्यथा होगी कुर्की की कार्यवाही, नाम होंगे सार्वजनिक

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

कोरबा – बकाया राजस्व की वसूली हेतु अब नगर निगम कोरबा ने सख्त रूख अपना लिया है, आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय के निर्देश पर निगम द्वारा 01 लाख रूपये तथा उससे अधिक राशि के बकायादारों की सूची तैयार कर ली गई है, इन बडे़ बकायादारों को नोटिस दी जा रही है तथा उनसे कहा गया है कि वे 15 दिवस में बकाया राशि जमा करें, अन्यथा कुर्की की कार्यवाही की जाएगी, साथ ही उनके नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

यहॉं उल्लेखनीय है कि सम्पत्तिकर, समेकित कर, जलकर, भवन दुकान किराया सहित अन्य करों के माध्यम से करदाताओं द्वारा निगम को राजस्व प्राप्त होता है। करदाताओं द्वारा नियमित रूप से करों का भुगतान न किए जाने के परिणाम स्वरूप एक बड़ी राशि बकाया कर के रूप में निगम केा प्राप्त करनी है, इन बकायादारों को निगम द्वारा बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद इनके द्वारा बकाया करों का भुगतान नहीं किया जा रहा। आयुक्त  प्रभाकर पाण्डेय ने इसे गंभीरता से लेते हुए बकायादारों की सूची तैयार करने के निर्देश निगम के राजस्व अधिकारियों को दिए थे। निगम द्वारा 01 लाख रूपये तथा उससे अधिक राशि के बकायादारों की सूची तैयार कर ली गई है, इन बकायादारों को नोटिस की तामीली कराई जा रही है, बकायादारों से कहा गया है कि वे नोटिस प्राप्त होने के 15 दिवस के अंदर सम्पूर्ण बकाया राशि निगम कोष में जमा कराएं, अन्यथा नियमानुसार कुर्की की कार्यवाही की जाएगी, इसके साथ ही इन बकायादारों के नाम भी समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों से सार्वजनिक किए जाएंगे, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी संबंधित बकायादारों की होगी।

221 बडे़ बकायादार, 06 करोड़ 87 लाख रू. का बकाया – निगम द्वारा 01 लाख रूपये तथा उससे अधिक राशि के 221 बकायादारों की सूची तैयार की गई है, जिनसे 06 करोड़ 87 लाख  रूपये का बकाया राजस्व निगम को प्राप्त करना हैं। निगम द्वारा जोनवार बड़े बकायादारों की तैयार की गई सूची के अनुसार कोरबा जोन में बडे़ बकायादारों की संख्या 77 बकाया राशि 1,74,63,864 रूपये, टी.पी.नगर जोन में संख्या 48 बकाया राशि 1,56,89,987 रूपये, कोसाबाड़ी जोन में संख्या 71 बकाया राशि 3,04,81,902 रूपये, पं.रविशंकर शुक्ल जोन में संख्या 03 बकाया राशि 11,74,695 रूपये, बालको जोन में संख्या 12 बकाया राशि 21,85,653 रूपये, दर्री जोन में संख्या 09 बकाया राशि 15,86,882 रूपये तथा सर्वमंगला जोन में बडे़ बकायादारों की संख्या 01 बकाया राशि 1,11,383 रूपये है।

बकाया राशि जमा करें व कार्यवाही से बचें – आयुक्त प्रभाकर पाण्डेय ने इन बकायादारों से कहा है कि वे निगम को देय बकाया राजस्व की राशि को निर्धारित समयावधि के अंदर निगम कोष में जमा कराएं तथा निगम द्वारा की जाने वाली कार्यवाही से होने वाली असुविधा से बचें। उन्होने अन्य करदाताओं निगम के भवन, दुकान किरायादारों भी अपील करते हुए कहा है कि वे निगम केा देय सम्पत्तिकर, समेकित कर, जलकर, भवन, दुकान किराया आदि की राशि निर्धारित समय में नियमित रूप से निगम केाष में जमा करें, करों से प्राप्त राशि के माध्यम से निगम द्वारा नागरिक सुविधाओं व सेवाओं की निरंतर उपलब्धता तथा नगर विकास के कार्य किए जाते हैं, समय पर करों की राशि जमा न करने पर इन सेवाओं में प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना बनती है तथा निगम केा आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है, अतः करों की राशि समय पर जमा कराएं एवं नगर विकास में अपना सहयोग दें।

सार्वजनिक प्रतिष्ठान जमा कराएं बकाया राशि – आयुक्त  प्रभाकर पाण्डेय ने निगम क्षेत्र में स्थित सार्वजनिक प्रतिष्ठानों से कहा है कि वे 31 मार्च से पूर्व निगम को देय करों की बकाया राशि निगम कोष में जमा कराएं। इस संबंध में आयुक्त श्री पाण्डेय द्वारा क्रमशः सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की बैठकें भी ली जा रही हैं तथा उनसे बकाया राशि जमा करने को कहा जा रहा है।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button