कोरबा

बाल्को अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज

 

बाल्कोनगर/ समीर धर दीवान ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत पत्र सौंपा है ।जिसमें उन्होंने अवतार सिंह प्रशासन प्रमुख एवं अनुराग तिवारी निर्देशक कपिल मल्होत्रा तीनों भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड बाल्को कोरबा के द्वारा अवैध रूप से बंधक बनाकर, मानसिक रूप से प्रताड़ित व बिना सहमति व स्वीकृति के स्टांप पेपर क्रय कर एवं दबाव पूर्व लिखित लिए जाने के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की जिस पर थाना बालको नगर में धारा 342,506,294,34 भादवी का अपराध कायम किया गया है।

समीर धर दीवान ने शिकायत पत्र में लिखा है कि वह भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड बालकों में अधोसंरचना प्रमुख के पद पर कार्य करते हुए अपने व्यक्तिगत कारणों से दिनांक 14/06/2020 को स्वेच्छा से त्यागपत्र देकर कंपनी में 2 महीने की नोटिस समय पर कार्य कर रहे थे, जिसके अनुसार दिनांक 14/08/ 2020 को कार्यमुक्त किया जाना था, मेरे त्यागपत्र दिए जाने के 41 दिन के पश्चात दिनांक 25/07/2020 दिन शनिवार को बालकों के एक अधिकारी कपिल मल्होत्रा सहायक प्रबंधक के द्वारा प्रातः 10:45 पर यह कहकर बुलाया गया कि सभी विभाग के अधिकारियों के साथ कार्य विभाजन के संबंध में आवश्यक चर्चा किया जाना है ।कपिल मल्होत्रा के द्वारा बुलाये गये स्थान पर प्रातः 11:30 बजे पहुंचने पर कपिल मल्होत्रा के द्वारा मुझे बोला गया कि मैं आपको झूठ बोलकर बुलाया हूं, आप से पूछताछ करनी है,आप टी.पी रूम (टली प्रजेन्स रुम) में चले जाइए कपिल मल्होत्रा के द्वारा मैं हतप्रभ रह गया कि बिना किसी कारण बिना पूर्व सूचना व जानकारी के बुलाकर पूछताछ की जावेगी।

मै त्याग पत्र दिनांक 14/06/2020 को सौंप चुका था। त्यागपत्र दिए जाने के 41 वें दिन के पश्चात गलतफहमी व दुर्भावना के बुनियाद पर मुझे कक्ष में अवतार सिंह एवं अनुराग तिवारी एवं विद्यासागर एवं अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आलेख गुप्ता की उपस्थिति में झूठ बोल कर उनके द्वारा बुलाया गया। पूछताछ के नाम पर मुझे अवतार सिंह वह अनुराग तिवारी के द्वारा बलपूर्वक कमरे में बंद कर लगातार 4 घंटे तक मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए नौकरी से बर्खास्त कर दिए जाने एवं मेरे पत्नी के खाते में रुपया कहां से आता है कहकर कंपनी के खाते के संबंध में जानकारी लेकर घृणित मानसिकता से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर अपमानित किया जाता रहा, इस दौरान मुझे जान से मारने की धमकी एवं मां बहन की गंदी गंदी गालियां भी दी गई । मेरे द्वारा नौकरी से त्यागपत्र दिए जाने के उपरांत अवतार सिंह के द्वारा मुझे नौकरी से बर्खास्त कर देने की बार बार धमकी देकर मानसिक रूप से कष्ट कारित किया जा रहा था। अवैध पूछताछ कर्ताओं के द्वारा मेरे से जो भी जानकारी मेरी पत्नी वह मेरे अकाउंट के संबंध में मांगी गई थी मेरे द्वारा उसी दिन नेट के माध्यम से निकालकर प्रदान कर दिया गया, एवं शेष दूसरे दिन उपलब्ध करा दिया गया । जिसमें मेरे ऊपर पैसे लेनदेन के आरोप ठेकेदारों के नाम से लगाया गया था वह निराधार पाया गया । अवतार सिंह एवं अनुराग तिवारी के द्वारा पूछताछ के नाम पर मुझे प्रातः 11:30 बजे से दोपहर पश्चात लगभग 4 घंटे तक एक ही कमरे में बैठा कर अश्लील गाली गलौज और धमकी देकर शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा।

अवतार सिंह व अनुराग तिवारी के द्वारा अपराधिक मन: स्थिति से कपट पूर्वक दो स्टांप पेपर मेरे सहमति व स्वीकृति के बिना कहकर बुलाया गया था,मंगाया गया था जिसमें उन्होंने उनके कथन अनुसार लिखने व लिखित में देने का दबाव बनाया जा रहा था ।अनुराग तिवारी के द्वारा मुझे बोला गया कि स्टांप पेपर पर लिख कर हस्ताक्षरित करने ही होंगे तब तक तुम्हें इस रूम से बाहर नहीं जाने देंगे भले ही रात के 12:00 बज जाए या तो तुम्हारी जान ही क्यों ना चली जाए। मेरे द्वारा दोनों व्यक्तियों के कठोर क्रुरतम व्यवहार व लगातार 4 घंटे से बंधक बनाकर रखे जाने से उन लोगों के द्वारा कही गई बातें दोपहर पश्चात करीब 3:30 बजे स्टांप पेपर में भयभीत होकर दोनों व्यक्तियों के दबाव व प्रभाव में आकर लिख कर दिया गया । प्रातः 11:30 बजे से दोपहर पश्चात 3:30 तक लगातार अवैध रूप से बंधक बनाकर मनगढ़ंत कहानी बना मुझे घोर उपहित करने के भय में डालकर बेईमानी से प्रेरित करते हुए छल कपट कर क्रय किये गये स्टांप पेपर में हस्ताक्षरित करा मानसिक व शारीरिक पीड़ा पहुंचाते हुए अवतार सिंह व अनुराग तिवारी के द्वारा बोल कर लिखवाकर लिया गया।

जांच कार्रवाई के पूर्व कारण बताओ सूचना जारी कर अधिनियम अनुसार सक्षम अधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर संबंधित जांच करवाई किया जाना था किंतु उक्त दोनों व्यक्तियों के द्वारा विधिक प्रावधानों का समुचित पालन नहीं करते हुए अवैधानिक ढंग से बंद कमरे में बंधक बनाकर दबाव प्रभाव से अवैध तरीके से क्रय किए गए दो स्टांप पेपर पर अवतार सिंह एवं अनुराग तिवारी के द्वारा बोलकर दबाव पूर्वक बेईमानी से प्रेरित करते हुए लिखवाया गया। उक्त दोनों व्यक्तियों के द्वारा किया गया कृत्य प्रथम दृष्टया अपराध की श्रेणी में आने से उनके विरुद्ध भारतीय दंड विधान की आकर्षित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मुझे न्याय दिलाना न्यायोचित होगा। उनके कृत्य से मैं अभी भी भयभीत व आशंकित हूं कि उक्त दोनों व्यक्तियों के द्वारा मेरे साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई भी अपराधिक कृत्य किया जा सकता है।

समीर धर दीवान ने पुलिस अधीक्षक से निवेदन किया है कि अवतार सिंह,अनुराग तिवारी कपिल मल्होत्रा के द्वारा मानसिक प्रताड़ित घोर उपहित कारित किए जाने व बिना सहमति व स्वीकृति के अपराधिक मना स्थिति से कपट पूर्वक दो स्टांप पेपर म़े कराकर में दबाव एवं प्रभाव से बंधक बनाकर लिखित लिए जाने के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर न्याय प्रदान किया जाये।

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