कोरबा

अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना से मिला आत्मनिर्भरता का संबल।

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ जिले के ग्राम भुलसीडीह, तहसील भैंसमा की निवासी मानकी पाटले का जीवन आज आत्मविश्वास और स्वावलंबन का उदाहरण बन चुका है। पहले सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण परिवार की आजीविका चलाना कठिन था, लेकिन जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, कोरबा द्वारा संचालित अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पी.एम. अजय) ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई।

स्थानीय समाचार पत्र के माध्यम से उन्हें योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, कोरबा में आवेदन प्रस्तुत किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद महाराष्ट्र स्टेट बैंक के माध्यम से उन्हें रूपये एक लाख का ऋण स्वीकृत हुआ। इस राशि में रूपये 50 हजार जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति द्वारा अनुदान तथा रूपये 20 हजार की मार्जिन मनी सहायता प्रदान की गई।

योजना से प्राप्त वित्तीय सहायता का उपयोग कर मानकी पाटले ने अपने व्यवसाय को सशक्त बनाया। आज उनका व्यवसाय बेहतर ढंग से संचालित हो रहा है, जिससे परिवार की आय में निरंतर वृद्धि हुई है। वे नियमित रूप से बैंक की किस्तों का भुगतान भी कर रही हैं, जो उनकी आर्थिक अनुशासन और सफलता का प्रमाण है।

मानकी पाटले बताती हैं कि यदि उन्हें यह योजना नहीं मिलती, तो अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना संभव नहीं था। आज वे न केवल अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।

अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान कर रही है। श्रीमती मानकी पाटले की सफलता इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं का सही लाभ उठाकर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

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