कोरबा

कलेक्टोरेट सभागार में तनाव प्रबंधन कार्यशाला आयोजित, पुलिस-प्रशासन के 200 से अधिक अधिकारी-कर्मियों ने लिया हिस्सा।

कोरबा(ट्रैक सिटी)। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टोरेट सभागार में बुधवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में तनाव प्रबंधन (स्ट्रेस मैनेजमेंट) विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाना, तनावमुक्त जीवनशैली के प्रति जागरूक करना और उनकी कार्यक्षमता में सकारात्मक वृद्धि करना था।

कार्यक्रम में कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, आईपीएस अधिकारी विमल पाठक, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, डीएसपी डी.के. सिंह सहित जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा करीब 200 जवानों ने कार्यशाला में सहभागिता की।

कार्यक्रम में माउंट आबू से आए ब्रह्माकुमारी संस्थान के अतिथि वक्ताओं ने वर्तमान समय में बढ़ते मानसिक तनाव, कार्यस्थल के दबाव और व्यस्त जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि तनाव केवल मानसिक स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि व्यक्ति की कार्यक्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक जीवन पर भी असर डालता है।

वक्ताओं ने राजयोग मेडिटेशन, सकारात्मक चिंतन और आत्मिक सशक्तिकरण को तनाव प्रबंधन का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि नियमित ध्यान, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में संतुलन स्थापित कर सकता है। इससे मानसिक शांति, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।

कार्यशाला के दौरान उपस्थित अधिकारियों और जवानों को ध्यान अभ्यास भी कराया गया। इस दौरान उन्हें तनाव कम करने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

कार्यक्रम में जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें एएसआई मनोज राठौर ने सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षित वाहन संचालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डाला।

वहीं साइबर सेल प्रभारी ललित चंद्रा ने बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के मामलों को लेकर अधिकारियों एवं जवानों को जागरूक किया। उन्होंने साइबर फ्रॉड, फर्जी लिंक, डिजिटल भुगतान से जुड़ी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हुए सतर्क रहने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन तनावमुक्त और सकारात्मक कार्य वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और यातायात जागरूकता जैसे विषयों पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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