Korba

कार्यालयीन व्यवहार संबंधी शिकायत की जांच रिपोर्ट पर प्रशासन की कार्यवाही।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ समग्र शिक्षा अंतर्गत आवेदिका कार्यरत महिला अधिकारी द्वारा प्रस्तुत शिकायत पर गंभीरता से निर्णय लेते हुए कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में शिकायत की निष्पक्ष जांच हेतु जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

महिला अधिकारी द्वारा जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) मनोज पांडेय के विरुद्ध मानसिक/शारीरिक प्रताड़ना संबंधी शिकायत प्रस्तुत की गई थी।

गठित समिति के सदस्य:

1. श्रीमती ऋचा सिंह, डिप्टी कलेक्टर, जिला कार्यालय कोरबा — अध्यक्ष

2. श्रीमती रेणु प्रकाश, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास — सदस्य

3. श्रीमती रजनी मारिया, संरक्षण अधिकारी, नवबिहान (डब्ल्यूसीडी) — सदस्य

समिति द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में प्राप्त तथ्यों के अनुसार:

आवेदिका द्वारा शिकायत में दुर्व्यवहार व प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे, किंतु उनके समर्थन में कोई लिखित दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।

महिला सहयोगी कर्मियों से की गई मौखिक शिकायत की पुष्टि साक्ष्य रूप में नहीं हो सकी।

गवाहों द्वारा यह स्वीकार किया गया कि डीएमसी द्वारा कार्यस्थल पर ऊंचे स्वर में संवाद किया गया था, किंतु किसी भी प्रकार के शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न की पुष्टि नहीं की गई।

समिति ने यह भी अवलोकित किया कि कार्यालयीन कार्यप्रणाली के दौरान कर्मचारी व वरिष्ठ अधिकारी के मध्य पारस्परिक संवाद में कभी-कभी तनाव उत्पन्न हो जाता है।

उक्त प्रकरण में “मर्यादा में रहो” जैसे शब्द का उपयोग किया गया, जिसे आवेदिका ने अनुचित समझा, किंतु उक्त शब्दावली को प्रताड़ना की श्रेणी में प्रमाणित नहीं किया जा सका।

*समिति की अनुशंसा:*

समिति ने सुझाव दिया कि कार्यालयीन वातावरण को सौहार्दपूर्ण बनाए रखने हेतु भविष्य में संवाद की भाषा में मर्यादा एवं संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाए।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button