कोरबा (ट्रैक सिटी)। बालको पावर प्लांट द्वारा कथित रूप से केशला नदी (डेंगुरनाला) में दूषित एवं जहरीला पानी छोड़े जाने के विरोध में अब जनआक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने एक पोस्टर जारी कर बालको प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और 25 मई 2026 को चक्काजाम आंदोलन की घोषणा की है।
पोस्टर में दावा किया गया है कि बालको पावर प्लांट से निकलने वाला केमिकल युक्त अपशिष्ट जल केशला नदी को प्रदूषित कर रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों, पशुओं और जलीय जीवों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। पोस्टर में मृत मछलियों, दूषित जल और बीमारियों के बढ़ते खतरे को भी दर्शाया गया है।
संगठन ने आरोप लगाया है कि नदी का पानी उपयोग करने को मजबूर ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, वहीं मवेशी भी जहरीला पानी पीने को विवश हैं। पोस्टर में कहा गया है कि “बालको प्रबंधन की मनमानी नहीं चलेगी” और लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।
संगठन की प्रमुख मांगें
पोस्टर के माध्यम से संगठन ने कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से —
◆ केमिकल युक्त अपशिष्ट जल का अविलंब निष्कासन बंद किया जाए।
◆ केशला नदी की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
◆ प्रभावित ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण और नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था हो।
◆ मवेशियों के लिए स्वच्छ पेयजल और चारा उपलब्ध कराया जाए।
◆ पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदार अधिकारियों व प्रबंधन पर कार्रवाई की जाए।
◆ नदी की सफाई एवं पर्यावरण पुनर्स्थापन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
25 मई को चक्काजाम
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने 25 मई 2026 को सुबह 6 बजे से वार्ड क्रमांक 38 चेकपोस्ट (लालघाट) में चक्काजाम आंदोलन करने की घोषणा की है। संगठन ने क्षेत्रवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होकर जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की है।
पोस्टर में “मेरा वार्ड मेरी सुरक्षा” और “स्वच्छ जल, सुरक्षित जीवन और स्वस्थ पर्यावरण” जैसे नारों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया है।
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