कोरबा (ट्रैक सिटी)। बुधवारी बाजार को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप देने की पहल के तहत बाजार क्षेत्र में दीवारों की सजावट और रोशनी से बाहरी स्वरूप को आकर्षक बनाने का प्रयास किया गया है। इस पहल को शहर की सुंदरता बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर बाजार की जमीनी हकीकत को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
बुधवारी बाजार में खरीदारी के लिए पहुंचने वाले लोगों को कई स्थानों पर टूटे हुए स्लैब, खुली अथवा जाम नालियों और असुविधाजनक रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है। बाजार की बाहरी सजावट जहां लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है, वहीं अंदर की अव्यवस्थाएं व्यवस्था की पोल खोलती नजर आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल दीवारों पर आकर्षक रंग-रोगन और रोशनी लगाने से बाजार स्वच्छ और सुरक्षित नहीं बन सकता। इसके लिए टूटे स्लैब की मरम्मत, नालियों की नियमित सफाई, जल निकासी की व्यवस्था और पैदल चलने वाले रास्तों को सुरक्षित बनाना भी जरूरी है।
बुधवारी बाजार को शहर की पहचान और व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। ऐसे में लोगों की अपेक्षा है कि बाजार के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ उसकी मूलभूत समस्याओं का भी स्थायी समाधान किया जाए, ताकि यहां आने वाले दुकानदारों और ग्राहकों को वास्तविक रूप से स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
सवाल यही है कि बुधवारी बाजार की खूबसूरती सिर्फ बाहर से नजर आएगी या इसकी जमीनी तस्वीर भी बदलेगी?

