कोरबा

चूहे के बिल से निकले सांप ने डसा, 11 वर्षीय छात्रा की मौत; परिजनों ने पहले समझा कीड़े का काटना।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

कोरबा(ट्रैक सिटी)। जिले के दर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रगति नगर में सांप के डसने से 11 वर्षीय छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई। घटना शनिवार तड़के की है, जब परिवार के साथ सो रही बच्ची को कान के पास किसी जहरीले सांप ने काट लिया। शुरुआत में परिजनों ने इसे किसी कीड़े या चींटी के काटने की सामान्य घटना समझा, लेकिन कुछ ही देर में बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

मृतका की पहचान वैष्णवी उर्फ सन्नू (11 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कक्षा तीसरी की छात्रा थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

परिजनों के अनुसार शुक्रवार रात परिवार के सभी सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। शनिवार सुबह करीब 4 बजे वैष्णवी अचानक उठी और कान के पास दर्द होने की शिकायत करने लगी। उसने कमरे में मौजूद चूहे के बिल की ओर इशारा किया, जहां कुछ हलचल दिखाई दे रही थी। परिजनों ने इसे किसी कीड़े या चींटी के काटने की घटना मानकर ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई।

कुछ ही देर बाद बच्ची के कान के पास सूजन बढ़ने लगी और उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। इसके बाद परिजनों को सांप के डसने की आशंका हुई और वे उसे तत्काल दर्री स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।

बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही बच्ची की हालत और अधिक खराब हो गई थी। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद वैष्णवी की जान नहीं बचाई जा सकी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि बारिश और मौसम में बदलाव के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, जिसके कारण वे सुरक्षित स्थान की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर निकल आते हैं। ऐसे समय में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

उन्होंने बताया कि कई बार लोग सांप के डसने को कीड़े-मकोड़े के काटने की सामान्य घटना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर मरीज की जान भी जा सकती है।

जितेंद्र सारथी ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को सांप के डसने की आशंका हो तो समय बर्बाद किए बिना उसे जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाए, जहां एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध हो। उन्होंने झाड़-फूंक और घरेलू उपचार में समय गंवाने से बचने की सलाह देते हुए घर के आसपास साफ-सफाई रखने, चूहों के बिल बंद कराने, रात में मच्छरदानी का उपयोग करने और जमीन पर सोने से बचने की अपील की है।

वैष्णवी की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सांप के डसने जैसी घटनाओं को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उपचार ही ऐसी परिस्थितियों में जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button