Korba

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती पर तिरंगे की रोशनी से जगमगा उठा हसदेव बांगो बांध और दर्री बराज।

बिजली उत्पादन और सिंचाई क्षमता का प्रतीक बना बांगो बांध, लेजर शो ने खींचा लोगों का ध्यान

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कोरबा(ट्रैक सिटी)। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती पर कोरबा जिले का हसदेव बांगो बांध और दर्री बराज तिरंगे की रोशनी से जगमगा उठा। हर वर्ष की तरह इस बार भी राज्य स्थापना दिवस पर यहां आकर्षक विद्युत सजावट की गई, लेकिन इस बार की भव्यता कुछ अलग थी। तिरंगे रंगों में सजी लाइटिंग ने न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों का भी मन मोह लिया।

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रात के समय बांध पर लेजर शो का शानदार नजारा देखने को मिला, जिसकी रंगीन किरणें हसदेव नदी के जल पर प्रतिबिंबित होकर मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। यह दृश्य दूर तक दिखाई देता रहा और लोगों ने अपने कैमरे में इस खूबसूरत पल को कैद किया।

हसदेव बांगो बांध कोरबा जिले की जीवनरेखा कहा जाता है। यह बांध न केवल प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन प्रणाली का अहम हिस्सा है बल्कि किसानों के लिए भी वरदान साबित हुआ है। बांगो बांध से 11 प्रमुख उद्योगों को पानी की आपूर्ति की जाती है। साथ ही इसकी सिंचाई क्षमता ढाई लाख हेक्टेयर से अधिक है, जिससे बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा और आसपास के जिलों के खेत लहलहाते हैं।

बांगो बांध व दर्री बराज से निकलने वाला जल प्रवाह छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के पावर प्लांट्स को भी ऊर्जा उत्पादन में मदद करता है। हसदेव बांगो से निर्मित बिजली से प्रदेश और देश के कई राज्य रोशन हो रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन और ऊर्जा विभाग के सहयोग से की गई लाइटिंग और लेजर शो की इस व्यवस्था ने कोरबा जिले के पर्यटन महत्व को और बढ़ा दिया है। राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर इस रोशनी के उत्सव ने विकास, ऊर्जा और एकता का अद्भुत संदेश दिया।

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