रायपुर

जब लड़खड़ाती आवाज़ में जवान नरेंद्र ने बयां की शौर्य की दास्तान, सुनकर भावुक हुए मुख्यमंत्री, दी एक लाख रुपये की त्वरित आर्थिक सहायता

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

राजौरी-पुंछ में 2017 में आतंकवादियों से मुठभेड़ में जवान नरेंद्र को सिर पर लगी थी गोली,लगभग छह महीने तक कोमा में रहे, अब भी शरीर में हैं बारूद के कण

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07


वीर जवानों के पराक्रम से हम सब हैं सुरक्षित, आपके शौर्य को नमन है- मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर,ट्रैक सिटी/ वो 12 अक्टूबर 2017 का दिन था। राजौरी- पुंछ में हमारी टुकड़ी गश्त पर निकली थी। पूरा इलाका पहाड़ी है। घात लगाकर छिपे आतंकवादियों ने अचानक हमला कर दिया। भारी गोली-बारी होने लगी। हमने तुरन्त जवाबी कार्यवाही की। एक आतकंवादी को मार गिराया। मगर आईईडी ब्लास्ट में अपने साथियों को खोया भी। मेरे सिर पर गोली लगी थी। सिर का एक हिस्सा ही अलग हो गया था। आप देख रहे हैं अभी भी मेरा सिर एक तरफ से दबा हुआ है।
जब अपनी लड़खड़ाती आवाज़ में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से आए जवान नरेंद्र ने अपने शौर्य की दास्तां मुख्यमंत्री को सुनाई तो मुख्यमंत्री श्री साय भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने जवान नरेंद्र से कहा कि आपको एक लाख रुपये की त्वरित आर्थिक सहायता देंगे। आपने देश के लिए अपने जान की बाजी लगा दी। वीर जवानों के पराक्रम से हम सब  सुरक्षित महसूस करते हैं। आपके शौर्य को नमन है। आपकी हरसंभव मदद करेंगे।
लगभग छह महीने कोमा में रहा, अब भी शरीर में हैं बारूद के कण
कल देर रात राज्य अतिथि गृह पहुना में कोरिया जिले के ग्राम -गणेशपुर के रहने वाले और भारतीय थल सेना के जवान नरेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री को नरेन्द्र ने बताया कि सिर में गोली लगने के बाद मुझे जम्मू कमांड हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। लगभग छह महीने तक मैं कोमा में रहा। होश आता जाता रहता था। याददाश्त चली गयी थी। हॉस्पिटल में मेरा परिवार एक हफ्ते तक रहा मगर मैं अपनी पत्नी तक को पहचान नहीं पाया। धीरे-धीरे हालत में सुधार हुआ। घटना के वक्त बारूद के कण शरीर के कई अंगों में घुस गए थे जो भी तक मेरे शरीर में हैं। सिर का आधा हिस्सा दब गया है। मेरी आवाज अब भी लड़खड़ाती है।

देशसेवा का ये जज़्बा सभी के लिए प्रेरक है
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवान नरेंद्र के जज़्बे की खूब सराहना की । उन्होंने कहा कि आपका देशसेवा का ये जज़्बा सभी के लिए प्रेरक है। ये बहुत गर्व की बात है कि आप छत्तीसगढ़ से हैं। राज्य के युवाओं को आपसे प्रेरणा मिलेगी। इतने गम्भीर जख्मों के बावजूद आपने हिम्मत नहीं हारी। आपके परिवारजन भी प्रशंसा के पात्र हैं जिन्होंने आपके साथ इन तकलीफों को झेला है ।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्रीमती आरती मरपच्ची सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Editor in chief | Website |  + posts
Back to top button