कोरबा

छोटी चूक पर बड़ा सवाल, क्या भाजपा लेगी कठोर निर्णय?

कोरबा। स्वतंत्रता दिवस से पहले निकाली जा रही तिरंगा यात्रा के दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा नेता हितानंद अग्रवाल के हाथ में कथित तौर पर उल्टा राष्ट्रीय ध्वज नजर आने की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं। तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। ऐसे में तिरंगा यात्रा जैसे आयोजन में ध्वज का उल्टा होना भले ही एक छोटी चूक मानी जाए, लेकिन सवाल यह है कि क्या राष्ट्रध्वज से जुड़ी ऐसी चूक को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाएगा, जितनी गंभीरता से भाजपा ने दूसरे मामलों में कार्रवाई की मांग की है?
अटल प्रतिमा मामले की याद दिला रहा मामला
यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा से जुड़े विवाद के दौरान भाजपा जिला नेतृत्व की ओर से संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर और कठोर कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई थी।
अब सवाल भाजपा जिला अध्यक्ष से पूछा जा रहा है कि जब अटल प्रतिमा के कथित अपमान के मामले में जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर और कठोर कार्रवाई की बात कही गई थी, तो क्या राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी इस कथित चूक पर भी संगठन कोई कठोर निर्णय लेगा?

क्या नियम और सम्मान सभी के लिए समान?
तिरंगा यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है। ऐसे आयोजन में ध्वज को सही तरीके से रखना आयोजकों और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
ऐसे में अब चर्चा का केंद्र केवल तस्वीर में दिखाई दे रही कथित चूक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई के दोहरे मापदंडों को लेकर भी है।
हालांकि वायरल तस्वीर के आधार पर सामने आए मामले की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
अब बड़ा सवाल यही है—अटल प्रतिमा मामले में कठोर कार्रवाई की बात करने वाला भाजपा संगठन, अपने ही वरिष्ठ नेता हितानंद अग्रवाल से जुड़े इस मामले में क्या कोई कठोर निर्णय लेगा?

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button