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जलदूत एप्प से गांव में कुंओं के जल स्तर का किया जा रहा है सर्वे

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ट्रैक सिटी/ कलेक्टर राहुल देव के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय के मार्गदर्शन में गावों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 12 जून तक स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत महात्मा गांधी नरेगा एवं स्वच्छ भारत मिशन की टीम द्वारा संयुक्त रूप से गांव-गांव में स्वच्छता अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें गांव के सार्वजनिक स्थलों व अमृत सरोवर तालाबों की साफ-सफाई, हैण्डपंप के पास सोकपीट का निर्माण एवं मरम्मत, विभिन्न स्थलों में पौधारोपण व गड्ढा खुदाई, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को निःशुुल्क पौधा वितरण आदि विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि विकास मंत्रालय द्वारा जलदूत ऐप विकसित किया गया है, जिसके द्वारा प्रत्येक गांव के कुंओं के जल स्तर का माप किया जाता है। इसके लिये महात्मा गांधी नरेगा के ग्राम रोजगार सहायकों को जलदूत नियुक्त किया गया है, जो गांव के कुंओं का माप जलदूत ऐप में दर्ज करते हैं। इस दौरान एक व्यक्ति साक्ष्य के रूप में भी रखा जाता है। जल स्तर का मापन प्रतिवर्ष दो बार की जाती है। एक बार मानसून आने के पूर्व माह-जून में एवं दूसरी बार मानसून के पश्चात् माह-अक्टूबर में। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जलदूत का रजिस्टर संधारित किया जाता है, जिसमें प्रत्येक माप को दर्ज किया जाता है।
इस ऐप के माध्यम से जिले/गांव में जल स्तर में हो रहे परिवर्तन का आंकलन किया जाता है। गत वर्ष मानसून 2023 में जिले के विभिन्न ग्रामों के 1033 कुओं का जल स्तर का माप किया गया था। इस वर्ष प्री-मानसून 2024 में 19 मई से 14 जून 2024 तक माप दर्ज किया जाना हैं, जिसमें से अब तक 650 कुंओं का माप दर्ज किया जा चुका है। इस गतिविधि को भी स्वच्छ हरित ग्राम सप्ताह कार्यक्रम में शामिल किया गया है ।

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