कोरबा/ कोरबा जिले में रामसिंह अग्रवाल चेयरमेन भारतीय रेडकास सोसायटी ने जिला कलेक्टर को एक पत्र लिख जिला खनिज न्यास मद से स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गयी मशीनों की खरीदी से संबंधित उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन हेतु निवेदन किया गया हैं।
जानकारी के अनुसार उक्त पत्र में लिखा गया हैं की जिला खनिज न्यास मद से मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल कोरबा के अलावा विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 38 मशीन की खरीदी जैम पोटर्र के माध्यम से की गयी हैं। आरोप लगाते हुए कहा गया हैं की वेंडर की ओर से 38 मशीनों की आपूर्ति की गयी है। जिसमे 38 मशीन में से 25 मशीन सही एवं 13 मशीन खराब पायी गयी है।
इसके अंतर्गत रेडकास ब्लड बैंक के लिए खरीदी गयी मशीन, रेफिजनरेटर सेन्ट्रीफ्यूज मशीन प्रमुख है यह मशीन वेंडर की ओर से मशीन की सप्लाई टूटी अवस्था में की गयी है। रेफिजनरेटर सेन्ट्रीफ्यूज मशीन टूटा होने के कारण रेडकास सोसायटी के ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट को अलग करने का काम नहीं हो पा रहा है, जबकि रेडकास सोसायटी मरीजों को प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, डब्ल्यूबीसी और आबीसी उपलब्ध कराती है। यह काम कई सालो से रेफिजनरेटर सेन्ट्रीफ्यूज के नहीं होने से शुरू नहीं हो पा रहा है इससे मरीज परेशान है और उन्हे रक्त की घटक के लिए निजी ब्लड बैंक की दौड़ लगाने पड़ रही है, निजी ब्लड बैंक ज्यादा पैसे लेकर मरीजो को ब्लड उपलब्ध कराते है। डी.एम.एफ. से सामान खरीदनें के बाद भी रेडकास सोसायटी के ब्लड बैंक को सही सामान उपलब्ध नहीं कराया गया है जो गंभीर चिन्ता का विषय है।
डीएमएफ से क्रय की गयी मशीनों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय छानबीन समिति का गठन आपकी अध्यक्षता में किया जाए, इसमें जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर एवं मशीनों के एक्सपर्ट को शामिल किया जाए। मशीनों को जांचा परखा जाए एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
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