Korba

नियमों के पालन पर अडिग बालको, आवास खाली पर अब कोई समझौता नहीं।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ बालकोनगर। बालको सेवानिवृत्त मैत्री संघ, कोरबा ने हाल ही में नवनिर्मित बालको सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन (बीएसकेएस) द्वारा 29 अक्टूबर 2025 को लगाए गए जबरदस्ती क्वार्टर खाली कराने के आरोपों को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और गलत बताया है। संघ ने कहा कि बालको प्रबंधन सदैव अपने कर्मचारियों और सेवानिवृत्त साथियों के प्रति सम्मानजनक और मानवीय दृष्टिकोण रखता आया है। संगठन ने सभी से कंपनी के नियमों और अनुशासन का सम्मान करते हुए सहयोग बनाए रखने की अपील की, ताकि परिसर में बालको की परंपरा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहें।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

मिली जानकारी के अनुसार, जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर बालको प्रबंधन ने स्वयं 31 अक्टूबर तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई को स्थगित रखा और सभी सुविधाएँ यथावत बनाए रखीं। कंपनी का उद्देश्य किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी को परेशान करना नहीं है, बल्कि कंपनी की संपत्तियों (क्वार्टर/आवासों) का नियमानुसार पुनः अधिग्रहण करना है, ताकि उन्हें वर्तमान पात्र कर्मचारियों को आवंटित किया जा सके।

*बालको सेवानिवृत्त मैत्री संघ ने किया कार्यवाही का समर्थन*

बालको सेवानिवृत्त मैत्री संघ, कोरबा, जो बालको के पूर्व कर्मचारियों का सबसे पुराना और सक्रिय संगठन है, सदैव कंपनी और सेवानिवृत्त साथियों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में अग्रणी रहा है। संगठन के संयोजक जे.के. तिवारी ने बीएसकेएस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि आवास बालको कर्मचारियों के लिए ही हैं। कंपनी के नियमानुसार, कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने के उपरांत तय समयावधि में आवास खाली कर देना चाहिए। बालको अपने सभी पूर्व और वर्तमान साथियों को परिवार का अभिन्न हिस्सा मानती है और उनके कल्याण एवं गरिमा की रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और नागरिकों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी अवैध गतिविधि में भाग न लें।

*जनप्रतिनिधियों को दिया गया समय हुआ समाप्त*

बीतों दिनों टाउनशिप प्रबंधन ने पूर्व में सभी जनप्रतिनिधियों को चर्चा हेतु आमंत्रित किया था। बैठक के दौरान प्रबंधन ने सुझावों का सम्मान करते हुए यह आश्वासन दिया कि 31 अक्टूबर यानि 45 दिन की अवधि तक किसी भी पूर्व कर्मचारी को मकान से नहीं हटाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने यह भी सहमति दी थी कि इस अवधि में आवास खाली करने की प्रक्रिया पूरी की जाए तथा 1 नवंबर से कंपनी नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेगी।

*पीएफ और अन्य सुविधाएँ रोकने का आरोप निराधार*

मिली जानकारी के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रावधानों के तहत भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड का एक अपना ट्रस्ट है। प्रावधान के अनुसार सेवानिवृत्त कर्मचारी स्वेच्छानुसार तीन वर्ष तक अपने पीएफ राशि पर ब्याज प्राप्त कर सकते हैं। चूंकि पीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन वैधानिक अनुपालन है जिसे रोका नहीं जा सकता है।

कंपनी के नियमानुसार, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को तीन महीने तक आवासीय परिसर में रहने की अनुमति दी जाती है। इस दौरान कुछ भुगतान अस्थायी रूप से रोके जाते हैं, जो आवास खाली करने के उपरांत पूर्ण रूप से दे दिए जाते हैं। कंपनी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बालको अस्पताल में सभी चिकित्सा सुविधाएँ यथावत जारी रखती है। वहीं दूसरी तरफ कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी 10 से 15 सालों तक बिजली, पानी, आवास एवं अन्य सुविधा शुल्क का भुगतान नहीं कर रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मनमानी का हाल ये है कि ना तो आवास खाली और ना ही रूकी भुगतान राशि जमा कर रहे हैं। बालको कंपनी समय-समय पर उन्हें नोटिस के माध्यम से अवगत कराता रहा है।

कंपनी के नियमानुसार किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी की चिकित्सा सुविधा या लंबित भुगतान के विषय में यदि कोई वास्तविक समस्या है, तो वह व्यक्तिगत रूप से नगर प्रशासन विभाग से संपर्क कर समाधान प्राप्त कर सकता है।

*प्रभावित हो रहे मौजूदा कर्मचारी*

अवैध रूप से रह रहे निवासियों के कारण केवल मौजूदा कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित नहीं हो रहे, बल्कि कॉलोनियों की सुरक्षा और व्यवस्था भी खतरे में पड़ रही है। औद्योगिक क्षेत्र का सही संचालन और सुरक्षित कॉलोनियों का निर्माण केवल उद्योग के हित में नहीं है। यह स्थानीय समुदाय, शहर की संरचना और रोजगार सृजन में भी योगदान देता है।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button