रायपुर

पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में ईसाई मिशनरियों की गतिविधियाँ चरम पर थीं: विकास मरकाम

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रायपुर/ट्रैक सिटी : भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने दुर्ग में दो ननों की गिरफ्तारी पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा “दुर्ग में दो ननों की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेसी नेताओं द्वारा दिया गया बयान न केवल हास्यास्पद है, बल्कि यह उस पार्टी की मानसिकता का प्रमाण है जो वर्षों से अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की राजनीति को पाल-पोस कर धर्मांतरण के गंदे कारोबार को संरक्षण देती आई है।” कांग्रेस नेताओं को समझाइश देते हुये उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति के दत्तकपुत्र माने जाने वाले अति पिछड़ी जनजाति के अबुझमाड़िया समाज की बेटियों को गुमराह करके मानव तस्करी कर प्रदेश के बाहर ले जाने वालों के पक्ष में खड़ा होकर कांग्रेस आदिवासी समाज को क्या संदेश देना चाहती है?

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विकास मरकाम ने कहा “पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में ईसाई मिशनरियों की गतिविधियाँ चरम पर थीं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण की सुनियोजित साजिशें, विदेशी फंडिंग और स्थानीय कांग्रेस नेताओं की खुली शह – यह किसी से छुपा नहीं। भूपेश सरकार की मौन स्वीकृति और सक्रिय अनदेखी के कारण सैकड़ों-हजारों निर्दोष आदिवासी अपना पारंपरिक धर्म छोड़ने पर मजबूर हुए।”

मरकाम ने कहा यह भी एक कटु सत्य है कि कांग्रेस की शीर्ष नेता श्रीमती सोनिया गांधी स्वयं एक कट्टर ईसाई पृष्ठभूमि से आती हैं, और उन्हीं के नेतृत्व में कांग्रेस की नीतियाँ बार-बार बहुसंख्यक समाज की आस्था और संस्कृति के विरुद्ध खड़ी रही हैं। क्या यह संयोग है कि कांग्रेस जहां भी सत्ता में आती है, वहां धर्मांतरण को बढ़ावा देने वाले तत्व पनपते हैं? दुर्ग की घटना में जिन दो ननों को गिरफ्तार किया गया है, उनके खिलाफ स्थानीय लोगों ने संगीन आरोप लगाए हैं। प्रशासन ने संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत कार्रवाई की है। लेकिन कांग्रेस इसे अल्पसंख्यक उत्पीड़न बताकर जनभावनाओं को भड़काना चाहती है।

मरकाम ने कहा भाजपा का स्पष्ट रुख है ‘धर्मांतरण के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस’। भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ में किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है, लेकिन धर्मांतरण के नाम पर धोखाधड़ी और लालच फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की अगुवाई में सरकार ने आदिवासी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक पहचान की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। बजरंग दल जैसे संगठन जो राष्ट्रवाद और संस्कृति की रक्षा में लगे हैं, उन्हें अपराधी बताना कांग्रेस की विकृत सोच का परिचायक है। उन्होंने कहा कांग्रेस यह न भूले कि यह नया भारत है, और छत्तीसगढ़ अब तुष्टिकरण की राजनीति से बाहर निकल चुका है। यहाँ अब राष्ट्रवाद, संविधान और संस्कृति को सर्वोपरि माना जाता है।

विकास मरकाम ने बलपूर्वक कहा हम स्पष्ट करते हैं; धर्मांतरण एक संगठित अपराध है, न कि सेवा कार्य। भाजपा की सरकार जनजातीय समाज की आत्मा और आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने वालों को अब छत्तीसगढ़ की जनता पहचान चुकी है। भाजपा की तरफ से मै साफ-साफ कहना चाहता हूं “छत्तीसगढ़ की धरती को हम धर्मांतरण का अड्डा नहीं बनने देंगे। जो भी इस भूमि की संस्कृति और मूल पहचान को मिटाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह कोई संगठन हो या विदेशी प्रेरणा से काम करने वाला व्यक्ति।”

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