कोरबा (ट्रैक सिटी)। पूरे भारत में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले को पावर सिटी के नाम से जाना जाता है। कोरबा शहर में बिजली बनाने के संयंत्र स्थापित है एनटीपीसी, सीएसईबी, बाल्क,लैंको से बिजली का उत्पादन कर अन्य राज्यों को बिजली सप्लाई की जाती है जिससे वह राज्य जगमगा रहे हैं। दूसरे राज्यों को बिजली सप्लाई करने वाला कोरबा जिला इन दिनों अघोषित बिजली कटौती से त्रस्त है। आए दिन बिजली कटौती से लोग हलकान परेशान हो चुके हैं। जरा सी हवा भी नहीं चलती लेकिन बिजली गुल रहती है। ऐसा आए दिन हो रहा है उमस से लोग पसीने से तरबतर रहते हैं रात में भी घंटों बिजली नहीं मिलती।
सोमवार के आधी रात से पुरानी बस्ती क्षेत्र के इतवारी बाजार ट्रांसफार्मर से सप्लाई होने वाली बिजली बंद है .बिजली बंद होने की जब जानकारी ली गई तो अधिकारी और कर्मचारियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर फेल हो गया है जिस कारण से बिजली बंद है. कोरबा तुलसी नगर जोन में पदस्थ अधिकारी तुषार सिन्हा को क्षेत्र मे बार-बार बिजली बंद होने की जानकारी काफी दिनों पूर्व से गई थी तब उनके द्वारा कहा गया था कि ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा जो आज दिनांक तक नहीं मरम्मत कराया गया नहीं बदला गया. मरम्मत ना होने के परिणाम स्वरुप ट्रांसफार्मर फेल हो गया और बस्ती में लाइन बंद हो जाने से लोग घर में परेशान हैं।
बिजली विभाग द्वारा आए दिन मेंटेनेंस के नाम से घंटो बिजली बंद की जाती है पर क्या मेंटेनेंस का कार्य होता है यह समझ से परे है। बिजली अधिकारियों को जानकारी होने पर भी मरम्मत कार्य ना कराना उनकी लापरवाही को दर्शाता है। बिजली अधिकारी अपने कार्यालयों और मकानों में 24 घंटे आपूर्ति होने वाली बिजली से जहां मस्त हैं वहीं घंटों बिजली गुल रहने से आम जनता त्रस्त है।
बिजली अधिकारियों की अपने कार्य के प्रति उदासीनता से आमजनों में जमकर आक्रोश है और यह आक्रोश कभी भी विस्फोटक हो सकती है।
जनप्रतिनिधियों द्वारा भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है । बिजली के मामले में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से हर कोई वाकिफ है। ऐसा क्या कारण है कि इन समस्याओं को लेकर कोई जनप्रतिनिधि बिजली के दफ्तरों तक नहीं पहुंच रहा है और ना ही किसी अधिकारी से इस संदर्भ में बात की जा रही है । शहर से लेकर गांव तक की व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो रही है आए दिन हाईटेंशन तार भी टूट रहे हैं लोग लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं मांग के अनुरूप आपूर्ति की व्यवस्था को सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं।

