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भू-विस्थापितों और एसईसीएल माइनिंग ऑफिसर के बीच झड़प, किसानों में आक्रोश; दोनों पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कोरबा में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) गेवरा परियोजना और भू-विस्थापित किसानों के बीच सोमवार को भिलाई बाजार में हुई त्रिपक्षीय वार्ता विफल हो गई। वार्ता के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। एक अधिकारी और किसानों के बीच कथित तौर पर झड़प हुई। इस मामले में हरदीबाजार थाने में दोनों पक्षों की ओर से FIR दर्ज की गई है।

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वार्ता में SECL, जिला प्रशासन (एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस प्रशासन) और प्रभावित किसान शामिल थे। चर्चा समाप्त होने के बाद किसानों के बीच आपसी वाद-विवाद के दौरान अधिकारी शेखर सिंह चौहान ने कथित तौर पर एक ग्रामीण के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद यह विवाद गंभीर झड़प में बदल गया।

ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव, FIR दर्ज

इस घटना से आक्रोशित भिलाई बाजार के ग्रामीणों ने तत्काल हरदीबाजार थाने का घेराव किया। उन्होंने अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज कराई और थाना प्रभारी से अधिकारी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निवेदन किया।

किसानों का आरोप- प्रशासन नहीं ले रहा समस्याओं को गंभीरता से

किसानों ने आरोप लगाया है कि SECL प्रबंधन और जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन जानबूझकर क्षेत्र का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है और किसानों को अपने मौलिक अधिकारों के लिए सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर कर रहा है।

पूर्ववर्ती विस्थापित अब भी बेघर और बेरोजगार

ग्रामीणों ने बताया कि मलगांव, अमगांव और सुवाभोड़ी जैसे क्षेत्रों के किसान, जो पूर्व में परियोजनाओं के लिए विस्थापित हुए थे, आज भी बेघर हैं। उनका वाजिब मुआवजा, बसाहट और रोजगार आज भी लंबित है। यह स्थिति प्रबंधन की ओर से भू-विस्थापितों के पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में बरती जा रही लापरवाही को दर्शाती है।

दोषी अधिकारी पर कार्रवाई की मांग

किसानों ने मांग की है कि अधिकारी शेखर सिंह चौहान के खिलाफ तत्काल और सख्त अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन और माइनिंग प्रबंधन से किसानों के वाजिब मुआवजे, बसाहट और रोजगार की लंबित मांगों को तुरंत पूरा करने की अपील भी की।

दोनों पक्षों के खिलाफ FIR

हरदीबाजार थाना में ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, वहीं SECL की शिकायत पर ग्रामीणों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

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