NEWS

“मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान।

स्वास्थ्य टीम द्वारा ’घर-घर जाकर की जा रही है मलेरिया की जांच, मरीजों को तुरंत मिल रहा है उपचार

(ट्रैक सिटी)/ राज्य सराकर द्वारा चलाये जा रहे मलरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत दंतेवाड़ा जिला में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रीय रूप से कार्य कर रही है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर मलेरिया की जांच कर रहे हैं और मरिजों की पहचान कर तत्काल उपचार भी प्रदान कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ शासन के “मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” के अंतर्गत जिले में 12वें चरण की शुरुआत की गई है। इस परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके के मार्गदर्शन में जिले के सभी चार विकासखंडों में यह अभियान जोर शोर से चलाया जा रहा है। अभियान के लिए जिले में कुल 217 स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव और घर-घर जाकर मलेरिया की जांच कर रही हैं।

स्वास्थ्य कर्मियों की टीम मलेरिया की रैपिड डायग्नोस्टिक किट से लोगों की जांच कर रहे हैं। और यदि कोई व्यक्ति मलेरिया पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे तुरंत निःशुल्क दवाएं देकर उपचार शुरू किया जा रहा है। साथ ही, मरीजों और उनके परिजनों को आवश्यक परामर्श भी दी जा रही है कि वे बीमारी की गंभीरता को समझें और सावधानी बरतें।

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. देशदीप ने इस संबंध में जानकारी दी कि मलेरिया संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। काटने के 8-10 दिन बाद मरीज को तेज बुखार, सर्दी और कंपकंपी जैसे लक्षण महसूस होते हैं। समय पर इलाज मिलने पर यह बीमारी गंभीर नहीं होती, लेकिन जागरूकता और परामर्श अत्यंत आवश्यक है।इस अभियान की गुणवत्ता जांच एवं पर्यवेक्षण के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर विशेष निगरानी टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें प्रतिदिन स्वास्थ्य कार्यों की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो और हर जरूरतमंद तक समय पर इलाज पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण  पहल है। दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ जिला में इस तरह की जांच और उपचार गतिविधियां एक मिशाल बन रही है।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button