Korba

युक्ति युक्त करण से विद्यार्थियों की हो रही नियमित पढ़ाई।

कोरकोमा के मिडिल स्कूल में दो शिक्षिका के पदस्थ होने से बना पढ़ाई का बेहतर माहौल।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ वनांचल क्षेत्र कोरकोमा का मिडिल स्कूल सिर्फ एक मिडिल स्कूल ही नहीं है, यह कोरकोमा से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों में रहने वाले लोगों के सैकड़ो बच्चों का भविष्य भी है। कई किलोमीटर दूर से आने वाले विद्यार्थियों को यहाँ मुफ्त किताबे, मध्यान्ह भोजन तो मिलता था लेकिन विगत कई साल से दर्ज विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर पर्याप्त शिक्षक नहीं होने का खामियाजा भुगतना पड़ता था। हालांकि अन्य शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाते थे, लेकिन शिक्षक की कमी की वजह से अन्य शिक्षकों को भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देशन में जब रिक्त पदों की जानकारी एकत्रित कर युक्ति युक्तकरण से अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना की गई तो कोरकोमा मिडिल स्कूल में अध्ययन करने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों के भाग खुल गए। युक्ति युक्तकरण से यहाँ दो शिक्षिकाओं की नियुक्ति से अब कोई भी कालखण्ड खाली नहीं जाता, क्लास में विद्यार्थी नियमित पढाई कर पाते हैं।

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कोरबा विकासखंड अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोरकोमा में कुल 319 विद्यार्थी अध्ययनरत है। प्रधानपाठक गोपाल प्रसाद साव ने बताया कि दर्ज संख्या के अनुसार यहाँ दो शिक्षको की कमी थी। शासन के युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया के उपरांत दो शिक्षकों की पदस्थापना विद्यालय में हुई है। युक्ति युक्तकरण से विद्यालय में पदस्थ हुई शिक्षिका श्रीमती रामेश्वरी रत्नाकर और पद्मा निषाद ने बताया कि अन्य विद्यालय से आने के बाद नए स्कूल में क्लास लेना प्रारम्भ कर दिया गया है। रत्नाकर ने बताया कि वह विद्यालय में अंग्रेजी पढ़ाती है। शिक्षिका पद्मा निषाद ने बताया कि वह सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और हिंदी की कक्षाएं ले रही है। स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें खुशी है कि अब नए मैडम से उन्हें ज्ञान मिलता है। 5 से 7 किलोमीटर तक कि दूरी तय कर विद्यालय आने वाले कक्षा छठवीं के विद्यार्थियों सुनील, समीर, गुँजन, कक्षा आठवीं की स्नेहा, राकेश, साहिल ने बताया कि हम लोग का कोई भी कालखंड खाली नहीं जाता। विद्यालय में मैडम के आ जाने से पढ़ाई लगातार चलती रहती है।

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