Korba

रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आचार संहिता के पूर्व पारदर्शीता के साथ पूर्ण करने का करें प्रयास – कलेक्टर अजीत वसंत।

आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपोषण चौपाल सतत रूप से आयोजित कराने हेतु किया निर्देशित।

*कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग की ली बैठक, विभागीय कार्यो की हुई समीक्षा*

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कलेक्टर अजीत वसंत ने आज सभाकक्ष में महिला व बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की कार्य प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पदों पर भर्ती, मध्यम एवं गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक आहार वितरण, सखी, बाल कल्याण समिति सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा कर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के आंगनबाड़ी व मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता व सहायिका के रिक्त पदों पर प्रक्रियाधीन भर्ती की कार्यवाही चुनाव आचार संहिता के पूर्व पारदर्शिता के साथ पूर्ण कर लिया जाए ताकि विषेष कर ग्रामीण क्षेत्र में योजना का लाभ ग्रामीणों को प्राथमिकता से मिल सके। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में प्राप्त दावा आपत्तियों का यथाशीघ्र निराकरण करने निर्देशित किया। पोषण ट्रेकर एप्प में एंट्री कार्य की जानकारी लेते हुए उन्होंने पोर्टल में वास्तविक एंट्री करने की बात कही। इसके साथ ही ऐप में आधार, मोबाइल वेरिफिकेशन इंडिकेटर में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में 43 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए शासन से राशि प्राप्त हुई है, जिसे तत्काल स्वीकृत कराएं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रतिवर्ष दिसंबर माह में जर्जर आंगनवाड़ी भवनों का आंकलन करके सूची उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित पोषण स्वास्थ्य दिवस एवं सुपोषण चौपाल सतत रूप से आयोजित कराया जाये तथा पोषण ट्रैकर ऐप में एंट्री करें। पोषण ट्रैकर के सभी इंडिकेटर्स में परफॉर्मेंस में सुधार लाएं तथा राज्य में टॉप 5 में जगह बनाने का प्रयास करें। कलेक्टर ने बच्चों के आधार कार्ड बनाए जाने की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतवार चिप्स के ऑपरेटर्स के समन्वय कर समय सारणी बनाकर बच्चों का आधार कार्ड बनाएं। मिशन वात्सल्य अंतर्गत बालगृह में निवासरत बच्चों को वर्ष में एक बार – राज्य के भीतर और एक बार राज्य के बाहर भ्रमण कराने हेतु कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जिले में वृद्धाश्रम संचालित है, ऐसे वृद्धजन जो वास्तव में निराश्रित हैं उन्हें समाज कल्याण विभाग के सहयोग से वृद्धाश्रम पहुंचाए।

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज मध्यम एवं गंभीर कुपोषित बच्चों को कुपोषण चक्र से बाहर निकालने हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। इस हेतु ऐसे बच्चों के घर घर जाकर माताओं को जागरूक करने के लिए कहा। साथ ही बच्चों को प्रदान किए जाने वाले अतिरिक्त पौष्टिक आहार को समय पर वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीडीपीओ व सुपरवाइजर को इस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने किशोरी बालिकाओ, गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं को भी केंद्र के माध्यम से प्राथमिकता से लाभ पहुचाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने बाल संदर्भ शिविर के माध्यम से बच्चों का स्वास्थ्य जांच एवं उन्हें दवाइयां प्रदान करने के लिए निर्देशित किया।

इसी तरह कलेक्टर ने जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत की जा रही गतिविधि, बाल विवाह के रोकथाम के सम्बंध में की गई कार्यवाही, सखी वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति, बाल गृह, बालिका गृह, खुला आश्रय गृह सहित अन्य विभागीग योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास को समय समय पर इन संस्थाओं का निरीक्षण करने एवं नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर7 जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास रेणू प्रकाश, सीडीपीओ सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

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