रायपुर/कोरबा (ट्रैक सिटी)। छत्तीसगढ़ में लंबित भुगतान को लेकर ठेकेदारों का आक्रोश अब सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। राजधानी रायपुर में ठेकेदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और राज्य सरकार तथा संबंधित विभागों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विभिन्न निर्माण कार्यों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने सड़क, भवन, पुल, नाली, जलप्रदाय और अन्य विकास कार्यों को समय पर पूरा किया, लेकिन इसके बावजूद विभागों की ओर से भुगतान जारी नहीं किया जा रहा है। कई ठेकेदारों ने बताया कि भुगतान में देरी के कारण उन्हें मजदूरों की मजदूरी देने, मशीनों का किराया चुकाने, बैंक की किस्तें भरने और अन्य वित्तीय दायित्वों का निर्वहन करने में भारी परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो कई छोटे और मध्यम वर्ग के ठेकेदार आर्थिक संकट में फंस जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद भुगतान को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर फाइलें अटकी हुई हैं और ठेकेदारों को केवल आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ेगा और नई परियोजनाओं में ठेकेदार भाग लेने से भी पीछे हटेंगे।

ठेकेदारों ने यह भी कहा कि भुगतान में देरी का असर केवल उनके व्यवसाय पर ही नहीं, बल्कि हजारों इंजीनियरों, सुपरवाइजरों, मशीन ऑपरेटरों, ड्राइवरों और निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों की आजीविका पर भी पड़ रहा है। कई श्रमिकों को समय पर मजदूरी नहीं मिलने से उनके परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण प्रदेश की विकास परियोजनाएं भी धीमी पड़ रही हैं।
ठेकेदार संघ ने मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग करते हुए सभी विभागों के लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की अपील की। साथ ही यह भी मांग रखी गई कि भविष्य में भुगतान की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि ठेकेदारों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। संघ ने कहा कि यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन, विधानसभा घेराव और अनिश्चितकालीन आंदोलन जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। ठेकेदारों ने कहा कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, बल्कि अपने वैध भुगतान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार यदि समय रहते समाधान नहीं निकालती है तो इसका असर न केवल निर्माण कार्यों पर पड़ेगा, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास और रोजगार पर भी गंभीर प्रभाव देखने को मिलेगा।

