कोरबा (ट्रैक सिटी) विधिक माप विज्ञान विभाग की निरीक्षक नेहा साहू को लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठापूर्वक पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए कंट्रोलर विधिक माप विभाग रायपुर ने दिसंबर 2025 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था।
उक्त निलंबन आदेश को निरीक्षक ने माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में चुनौती दिया । नेहा साहू को जिस कार्य को समय पर पूरा नहीं करने का आरोप लगाकर निलंबित किया गया था छत्तीसगढ़ के अधिकांश निरीक्षकों ने भी उक्त कार्य को समय से पूर्ण नहीं किया था लेकिन नेहा साहू पर एकतरफा तरीके से निलंबित कर दिया गया। मामले की सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने नेहा साहू के निलंबन को ग़लत मानते हुए दिनांक 1/9/2025 को निलंबन आदेश निरस्त कर दिया।
उच्च न्यायालय के आदेश पर विभाग ने निरीक्षक नेहा साहू को बहाल करते हुए कोरबा पदस्थ करने के बजाय मुंगेली स्थानांतरित कर दिया था, इस आदेश को निरीक्षक ने नियम विरुद्ध बताते हुए पुनः उच्च न्यायालय बिलासपुर में चुनौती दिया। दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने दि,11/5/2026 को विभाग को आदेशित किया कि नेहा साहू का मुंगेली स्थानांतरित का आदेश पूर्व में निरस्त किया जा चुका है ऐसे में उन्हें मूल कार्यस्थल कोरबा बहाल करना होगा। उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश के बाद निरीक्षक नेहा साहू ने कोरबा में ज्वाइनिंग कर लिया है।

