कोरबा

शिक्षाकर्मी भर्ती 2011 प्रक्रिया के तहत निलंबित शिक्षको की बहाली हेतु राज्य सरकार से की अपील

कोरबा (ट्रैक सिटी) शिक्षाकर्मी भर्ती 2011 प्रक्रिया के तहत निलंबित शिक्षको कि बहाली हेतु प्रेस क्लब तिलक भवन में प्रेसवार्ता आयोजित की गयी। इस दौरान निलंबित शिक्षकों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वर्ष 2009-10 में जनपद पंचायत पाली, जिला कोरबा में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 की नियुक्ति हेतु 05/02/2011 एवं 07/02/2011 को काउंसिलिंग आयोजित की गई थी एवं नियुक्ति पत्र जारी किया गया था। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाली एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता बरते जाने के फलस्वरूप कलेक्टर कोरबा द्वारा दिनांक 6/4/2011 को छत्तीसगढ़ पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 85 (1) के तहत भर्ती प्रक्रिया को निलंबित किया गया। जिसके तहत नियुक्ति प्राप्त शिक्षकों को भी निलंबित कर दिया गया। उक्त कार्यवाही के विरुद्ध हमारे द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की गई थी। माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के डिवीजन बेंच द्वारा 19/07/2013 को आदेश पारित किया गया, जिसमें निर्णय दिया गया कि कलेक्टर कोरबा द्वारा की गई कार्यवाही उचित है, फिर भी यदि नियम अनुमति देता हो एवं कोई मेरिट लिस्ट उपलब्ध हो एवं पद रिक्त हो तो प्रशासन गुणदोष के आधार पर नियुक्ति कर सकता है। चूंकि आज तक कोई नियुक्ति या बहाली की कार्यवाही नहीं अपनाई गई है। हमारे द्वारा छ.ग. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को आवेदन दिया गया था। वहां से जांच हेतु पत्र भी आ गया था, परंतु पत्र क्रमांक 816 दिनांक 22/11/2014 पर कोई कार्यवाही नहीं किया गया। फिर हमारे द्वारा वर्ष 2015 में हाईकोर्ट में फिर अपील की गयी जो इनके झूठा शपथ पत्र के अधार पर खारिज हो गया। इनके द्वारा झूठा हलफनामा तात्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी पाली एम.आर. कैवर्त द्वारा दिया गया कि कोई चयन सूची जनपद पंचायत पाली द्वारा जारी नहीं किया था। जबकि कोर्ट का निर्णय 22/11/2023 को आने के पश्चात् हमें सूचना के अधिकार के तहत चयन सूची जनपद पंचायत पाली द्वारा उपलब्ध करा दिया गया। चूंकि चयन सूची उपलब्ध रहने के बाद भी कोर्ट में झूठा हलफनामा दिया गया जो इनके कार्यप्रणाली पर सवाल उठता है।हमारे द्वारा हाईकोर्ट में रिव्यु पिटीसन भी दायर किया गया लेकिन कोर्ट द्वारा इस पीटिशन को खारिज कर दिया गया। चूंकि चयन सुची उपलब्ध होने के बाद भी हमें बहाल नहीं किया गया और 126 अभ्यार्थियों ने स्कूलों में पदभार भी ग्रहण कर लिया था, जो आज तक अपनी बहाली के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हमारे द्वारा कोई गलती नहीं हुई थी, प्रशासन की गलती के कारण जो नियुक्ति पा चुके अभ्यार्थियों का भविष्य बर्बाद कर दिया गय, जिससे हम मानसिक एवं आर्थिक रूप से बहुत परेशान हो गये।
निलंबित शिक्षकगणों ने राज्य सरकार से अपील की है कि उनकी बर्खास्तगी को निरस्त कर उन्हें पुनः बहाल किये जायें।

 

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