कोरबा

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दिए निर्देश -कोरबा में राजस्व पखवाड़ा होगा अधिक प्रभावी, सभी प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर।

तीन चरणों में होगा राजस्व पखवाड़ा का आयोजन।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी राज्य स्तरीय निर्देशों के अनुरूप जिले में राजस्व पखवाड़ा-2026 का व्यापक और सुनियोजित आयोजन किया जा रहा है। राजस्व पखवाड़ा का आयोजन माह अपै्रल में 01 से 15 अपै्रल तक, माह मई में 04 से 18 मई तक और जून में 01 से 15 जून तक जिले के सभी ग्रामों में किया जायेगा। राजस्व पखवाड़ा को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी एसडीएमों, तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों को राजस्व संबंधी सभी प्रकार के प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि यह आयोजन केवल शिविर आधारित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जनता को सीधे राहत प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए प्रत्येक स्तर पर की जा रही कार्यवाही में सुधार और तेजी अनिवार्य है।

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कलेक्टर दुदावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, वृक्ष कटाई, परिवर्तन, त्रुटि सुधार और अन्य पुराने प्रकरणों का निपटारा किसी भी स्थिति में लंबित न रखा जाए। शिविर के दौरान आने वाले सभी आवेदनों की मौके पर ही जांच, पंजीयन और कार्यवाही कर यह सुनिश्चित किया जाए कि हितग्राही को तत्काल राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि भू-स्वामियों के खातों में आधार संख्या, मोबाइल नंबर, किसान किताब और जेंडर जैसी आवश्यक प्रविष्टियों को पूर्ण कराने में भी तेजी लाई जाए, ताकि अभिलेख अद्यतन, सटीक और त्रुटिरहित बने रहें।

कोरबा जिले में जनहानि, फसल-क्षति या पशु-हानि से संबंधित आरबीसी 6-4 के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। भू-अर्जन प्रकरणों की समय-सीमा में कार्यवाही और लिए गए शुल्क की पारदर्शिता पर भी कलेक्टर ने विशेष बल दिया। अभिलेख शुद्धता अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि त्रुटिपूर्ण, संदेहास्पद, शून्य रकबा या अपूर्ण प्रविष्टियों वाले सभी अभिलेखों का सुधार सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों से संबंधित आवेदनों की जांच और प्रविष्टि शिविर स्थल पर ही लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से की जाए और इन सेवाओं का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कोटवारों के माध्यम से कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। शिविरों से संबंधित प्रतिदिन की जानकारी निर्धारित प्रारूप में जिला कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर दुदावत ने कहा कि कोरबा जिला प्रशासन जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राजस्व पखवाड़ा इसी प्रतिबद्धता को मजबूत करने का अवसर है। इस अभियान का उद्देश्य जनता को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण राजस्व सेवाएँ उपलब्ध कराना है, ताकि हर हितग्राही को बिना विलंब शासन की सेवाओं और अधिकारों का लाभ मिल सके।

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