कोरबा

सतरेंगा में पिकनिक मनाने गए एसईसीएल कर्मी की नदी में डूबने से मौत, 24 घंटे बाद मिला शव।

कोरबा (ट्रैक सिटी)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतरेंगा में पिकनिक मनाने गए 24 वर्षीय एसईसीएल कर्मी सुभांशु ध्रुव की नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। रविवार को हुई इस घटना के बाद सोमवार सुबह करीब 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने उनका शव नदी से बरामद किया। इस हादसे से परिवार, दोस्तों और एसईसीएल कर्मचारियों में शोक की लहर है।

जानकारी के अनुसार, कोरबा निवासी सुभांशु ध्रुव अपने पांच दोस्तों के साथ रविवार को सतरेंगा घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचे थे। सभी दोस्त नदी के बीच बने एक टापू तक जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान लौटते समय सुभांशु गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते तेज बहाव में डूब गए। उनके साथ मौजूद दोस्तों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल उनकी मदद के लिए पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

घटना की सूचना मिलते ही श्यांग पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि, अंधेरा होने और नदी में तेज बहाव के कारण रविवार रात रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। इसके बाद सोमवार सुबह नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे तक चले अभियान के बाद सुबह करीब 11:30 बजे सुभांशु का शव नदी से बाहर निकाला गया।

लेमरू थाना प्रभारी सुमन पोया ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर ली गई है। फिलहाल शव को एसईसीएल अस्पताल की मर्च्युरी में सुरक्षित रखा गया है। मृतक की मां के मंगलवार को कोरबा पहुंचने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

सुभांशु ध्रुव के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब चार वर्ष पहले उनके पिता का निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति के तहत एसईसीएल में नौकरी मिली थी। वह पिछले ढाई वर्षों से एसईसीएल कोरबा क्षेत्र की सेंट्रल वर्कशॉप में कार्यरत थे और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उनकी असामयिक मौत से परिवार एक बार फिर गहरे सदमे में है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद सतरेंगा पहुंचे अन्य पर्यटकों में भी चिंता का माहौल देखने को मिला। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी, बांध और जलाशयों के गहरे हिस्सों में जाने से बचें। प्रशासन ने कहा है कि बारिश के दौरान जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ सकता है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए पर्यटन स्थलों पर घूमने के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और अनावश्यक जोखिम लेने से बचें।

यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। बरसात के मौसम में नदी और जलाशयों के आसपास विशेष सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button