नई दिल्ली/रायपुर। क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल और संगठन के अध्यक्ष डॉ. अजय यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने दोनों की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत दे दी है। दोनों नेता पिछले करीब साढ़े आठ महीने से जेल में बंद हैं।
जानकारी के अनुसार, अमित बघेल को 5 दिसंबर 2025 से न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया था। वहीं, 3 फरवरी को उन्हें बलौदाबाजार हिंसा प्रकरण में भी गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले संबंधित मामलों में उन्हें हाईकोर्ट से करीब तीन महीने पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन अन्य मामलों में गिरफ्तारी के कारण उनकी रिहाई नहीं हो सकी थी।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया। सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि अमित बघेल के खिलाफ 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। सरकारी पक्ष ने यह भी तर्क रखा कि बलौदाबाजार हिंसा मामले के कथित मास्टरमाइंड अमित बघेल हैं।
वहीं, बचाव पक्ष ने जमानत के पक्ष में अपनी दलीलें रखते हुए दोनों आरोपियों को राहत देने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने अमित बघेल और डॉ. अजय यादव को जमानत प्रदान कर दी।
गौरतलब है कि अमित बघेल की गिरफ्तारी पहले एक टिप्पणी (बयान) से जुड़े मामले में हुई थी। इसके बाद बलौदाबाजार हिंसा मामले में भी उन्हें आरोपी बनाया गया। अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दोनों नेताओं की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है, हालांकि उनकी रिहाई अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों और जमानती प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
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