Korba

हिन्दी हो या अंग्रेजी, सभी विषयों की पढ़ाई में आई तेजी।

युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया से दूरस्थ ग्राम लैंगी के हाई स्कूल को मिला अंग्रेजी और हिन्दी का व्याख्याता।

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*ग्रामीण विद्यार्थियों को पढ़ाई हो गई है आसान*

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ चौदह साल पहले इस गाँव में हाई स्कूल खुला तो यह सिर्फ एक गाँव के विद्यार्थियों के लिए ही नहीं था। आसपास के अनेक गाँव के विद्यार्थियों के भविष्य को बदलने के साथ ही उन्हें नई दिशा में ले जाने वाला वह जरिया भी था,जिसमे उनके माता पिता की उम्मीद टिकी थी। आज भी इस विद्यालय में दूरदराज गाँव के विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं और इन विद्यार्थियों के माता-पिता का ख्वाब होता है कि स्कूल में उनके बच्चे अच्छे से पढ़ाई करें , आगे बढ़े और बेहतर भविष्य बनाएं, लेकिन दुर्भाग्य से इस विद्यालय में हिन्दी और अंग्रेजी जैसी महत्वपूर्ण विषयों के व्यख्याताओं की कमी थी। हिन्दी और अंग्रेजी विषय के शिक्षक नहीं होने का खामियाजा यहाँ पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को ही उठाना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षको के अन्य विद्यालयों में समायोजन से वनांचल क्षेत्र के दूरस्थ विद्यालय की तस्वीर बदल गई। वर्षों से रिक्त हिन्दी और अंग्रेजी विषय के व्याख्याता इस विद्यालय को मिले तो यहाँ खुशियों के बीच नियमित कक्षाएं भी लगने लगी हैं।

कोरबा जिले से लगभग 115 किलोमीटर दूर अन्तिमछोर के गाँव लैंगी में वर्ष 2011 में हाई स्कूल खोला गया था। यहाँ से अन्य हाई स्कूल की दूरी और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जब इस विद्यालय को प्रारंभ किया गया तो आसपास क्षेत्र के लोगों में बहुत खुशी थीं। यह खुशी आज भी कायम है क्योंकि यहीं एक स्कूल है, जो कि उनके बच्चों को उच्च शिक्षा से जोड़ने का काम करती है। लैंगी के इस विद्यालय में आसपास के गाँव अमझर, पोड़ी कला, दुल्लापुर, तराई नार, पिपरिया, इमली बरहा, लैंगी,कोड़गार सहित आसपास के गाँव से बच्चे पढ़ाई करने आते हैं। वर्तमान में यहाँ कुल 46 विद्यार्थी है जो नवमीं और दसवीं की पढ़ाई करते हैं। यहाँ के प्राचार्य श्यामलाल अश्विनी बताते हैं कि वर्ष 2011 से संचालित इस विद्यालय में विगत हिन्दी और अंग्रेजी के नियमित व्याख्याता नहीं थे। इसका असर विद्यार्थियों के अध्यापन व्यवस्था पर भी पड़ा। उन्होंने बताया कि आसपास के दर्जनों गांवों से विद्यार्थी यहाँ पढ़ाई करने आते हैं। यह स्कूल उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण और उनकी उम्मीदों और सपनों से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा की गई युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया से हमारे विद्यालय को हिन्दी और अंग्रेजी विषय के व्याख्याता मिले हैं। उनके यहाँ पदस्थ होने से विद्यार्थियों सहित विद्यालय परिवार को भी राहत और खुशी मिली है। इधर बहुत ही दूरस्थ क्षेत्रों से सफर कर हाई स्कूल आने वाली छात्राओं में भी खुशी है कि स्कूल में हिन्दी और अंग्रेजी के शिक्षक है। कक्षा दसवीं में पढ़ाई करने वाली समीना,कल्याणी और सोनी मार्को ने बताया कि हम आगे भी पढ़ाई करना चाहती है, इसलिए रोजाना स्कूल आते हैं। यहाँ स्कूल खुलने के बाद हिंदी और अंग्रेजी विषय के शिक्षक आ गए हैं, इसलिए उनका क्लास भी होने लगा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष शिक्षको की कमी का उनको नुकसान हुआ है। शासन ने अच्छा कदम उठाया है कि हमारे स्कूल में नए शिक्षक आ गए हैं। उन्होंने बताया कि क्लास में गणित, विज्ञान सहित अन्य विषयों की भी नियमित पढ़ाई होती है। कक्षा नवमी के दीपक ने बताया कि अंग्रेजी और गणित विषयों के शिक्षक तो होने ही चाहिए, शुक्र है कि मैं यहाँ नवमी पढ़ने आया तो मुझे सभी शिक्षक मिल गए हैं। इसी तरह ही कक्षा 9वीं की छात्रा कुमारी कांति, प्रयंका कुमारी, अनु कुमारी, सुकुमारी, जमीना, छात्र विशाल, प्रेम सिंह, जगतपालमोहन सिंह सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी युक्ति युक्तकरण से हुई शिक्षको की पदस्थापना पर खुशी जताई। विद्यालय में युक्ति युक्तकरण से पदस्थ अंग्रेजी विषय के व्याख्याता विनोद कुमार साहू और हिन्दी के व्याख्याता दिनेश कुमार यादव का कहना है कि जॉइनिंग के बाद वे नियमित कक्षाएं लेते हैं और विद्यार्थियों को अच्छे से अध्यापन कर उन्हें आगे बढ़ाने और बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

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