छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री पर विवादित और हिंसात्मक टिप्पणी पर भाजपा ने की निर्वाचन आयोग में शिकायत।

कवासी लखमा की उम्मीदवारी रद्द कर, एफआईआर करने की मांग,चुनाव प्रचार में भी प्रतिबंध लगाने की मांग।

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*प्रदेश का माहोल खराब कर रही है कांग्रेस*

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*मोदी जी के खिलाफ हिंसात्मक बयानों का हिसाब जनता कांग्रेस से जरूर लेंगी:भाजपा*

(ट्रैक सिटी)/ भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने आज निर्वाचन आयोग ने कवासी लखमा के हिंसात्मक बयानों को लेकर शिकायत दर्ज की।भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव,विधायक मोतीलाल साहू,निर्वाचन समिति प्रमुख विजय शंकर मिश्रा,प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी,निर्वाचन समिति सह संयोजक मोहन पवार शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा

कि, बस्तर, छत्तीसगढ़ से कांग्रेस प्रत्यासी कवासी लखमा के द्वारा गोंडी बोली में लोगों को वोट अपील.दौरान कवासी लखमा ने कहा कवासी लखमा जिडीतोर, नरेंद्र मोदी ढोलतोर अर्थात ” कवासी लखमा जीतेगा’ नरेंद्र मोदी मरेगा ‘’ माननीय प्रधानमंत्री के लिए अनुचित भाषा उपयोग किये जाने तथा छत्तीसगढ़ के कुटरू, बीजापुर में दिनांक 9 अप्रैल को कांग्रेस के बस्तर लोकसभा प्रत्याशी कवासी लखमा द्वारा विवादित बयान दिया गया है। उनके द्वारा कुटरू में चुनावी सभा के दौरान तोंगपाल टिन अयस्क की उपलब्धता का जिक्र करते हुए टिन खदान से पुलिस को तीर धनुष से मारने की बात कह कर स्थानीय जनता को पुलिस एवं शासन के विरुद्ध भड़काया जा रहा है । कवासी लखमा के द्वारा कहा गया कि, “कल से पुलिस वाले बोल रहे थे कि नाप रहे हैं I हमारा गाँव वाले, हम बोले तीर धनुष लेकर जाओ मारो साले I हमारा जंगल नहीं बचेगा तो तुम लोग बचोगे, बचोगे नहीं बचोगे I, ” इस प्रकार कवासी लखमा के द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनता एवं ग्रामवासियों को पुलिस को उनके कार्य रोकने हेतु तीर धनुष से मारकर हिंसा करने हेतु भड़काया गया है I इस दौरान मौके पर बीजापुर के विधायक विक्रम मंड़ावी एवं कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे जिन्होंने ताली बजाकर कवासी लखमा के इस भड़काऊ बयान का समर्थन किया।

कवासी लखमा द्वारा लोक सभा चुनाव के दौरान इसी प्रकार भड़काऊ एवं विवादित बयान देकर तथा अन्य प्रकार से निरंतर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया जा रहा है I उनके विरुद्ध बार-बार शिकायत के बावजूद भी कोई सार्थक कार्यवाही नही हो पाई है I पूर्व में भी कवासी लखमा के द्वारा धार्मिक आयोजन के दौरान खुले-आम पैसा बाँटने तथा शराब पी-कर वोट देने के बयान जैसे अनेको अवैधनिक कार्य कर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है I पूर्व में जिसकी शिकायत भी की गयी है I इस बार कवासी लखमा के द्वारा आम सभा के दौरान पुलिस को उनके कार्य से रोकने हेतु तीर-धनुष से मारकर उनके विरुद्ध हिंसा करने के लिए भड़काऊ बयान दिया गया है तथा मौके पर उपस्थित बीजापुर के विधायक विक्रम मंड़ावी एवं कांग्रेस के अन्य पधादिकारियों द्वारा ताली बजाकर कवासी लखमा के इस भड़काऊ बयान का समर्थन भी किया। इस प्रकार लखमा के द्वारा आपराधिक बल के प्रयोग से चुनाव के दौरान पुलिस के विरुद्ध हिंसा करने के लिए भड़काया जा रहा है जो अपराध कि श्रेणी में आता है I यदि कवासी लखमा कि इस प्रकृति कि गतिविधियाँ एवं बयान जारी रहे तो कोई अप्रिय घटना होने कि भी संभावना है I इस स्थिति में कवासी लखमा , उपस्थित बीजापुर के विधायक विक्रम मंड़ावी तथा कांग्रेस के अन्य पधादिकारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जाना तथा कवासी लखमा को चुनाव प्रचार करने से रोक लगाया जाना आवश्यक है I

अतः उपरोक्त तथ्यों का गंभीरता से संज्ञान लिया जाकर :-

(1) कांग्रेस पार्टी के बस्तर लोक सभा प्रत्यासी कवासी लखमा, बीजापुर के विधायक विक्रम मंड़ावी तथा कांग्रेस के अन्य पधादिकारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध (F.I.R.) किया जाये I

(2) निरंतर आचार संहिता के उल्लंघन के कारण बस्तर लोक-सभा से कांग्रेस प्रत्यासी कवासी लखमा की उम्मीदवारी निरस्त की जाये I तथा

(3) कवासी लखमा द्वारा चुनाव प्रचार में रोक लगाने सम्बन्धी निर्देश जारी करें जिससे निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किये जा सकें।

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