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सार्वजनिक उपक्रमों को उद्योग मंत्री का पत्र, कितने बाहरी और कितने स्थानीय को दिया रोजगार, 7 दिन के भीतर तलब की जानकारी।

लगातार आ रही शिकायतों को मंत्री देवांगन ने लिया गंभीरता से।

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*70 फ़ीसदी स्थानीय और 30 फीसदी ही बाहरी लोगों को रखना जरूरी।*

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कोरबा जिले के सभी सार्वजनिक उपक्रमों सहित निजी प्रतिष्ठान को पत्र लिखकर बाहरी और स्थानीय श्रमिकों की जानकारी 7 दिवस के भीतर तलब की है।

एसईसीएल के कोरबा, गेवरा, दीपका मुख्य महाप्रबंधक, बालको, एनटीपीसी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मंत्री देवांगन ने पत्र लिखा है। मंत्री देवांगन ने पत्र के माध्यम से कहा है की स्थानीय बेरोजगारों के माध्यम से आए दिन शिकायते आ रही है की स्थानीय बेरोजगारों की बजाय बाहरी लोगों की भर्ती की जा रही है। जबकि स्थानीय लोगों को 70 फीसदी लेना है और बाहरी लोगों को 30 फीसदी लेना है।

वर्तमान में सार्वजनिक उपक्रमों में नियोजित कई ठेका कंपनियों द्वारा स्थानीय बेरोजगारों की उपेक्षा की जा रही है। जो की अनुचित है। मंत्री देवांगन ने सभी उपकर्मों से 7 दिन के भीतर स्थानीय और बाहरी श्रमिको की जानकारी मांगी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार की मंशा भी स्थानीय लोगो को काम पर रखने की है।

डाटा से स्थिति होगी स्पष्ट, बेरोजगारों को मिलेगा काम।

पिछले कई वर्षों से सार्वजनिक उपक्रमों में नियोजित निजी कम्पनियों में कितने श्रमिक काम कर रहे हैं, श्रमिक स्थानीय है या फिर बाहरी, इसकी जानकारी नहीं होने की वजह से स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने की दिशा में ठोस पहल नहीं हो पाती थी। निजी ठेका कंपनियों द्वारा मनमानी की जाती थी, अब श्रमिकों की वास्तिवक जानकारी सामने आने के बाद बेहतर प्रयास संभव हो सकेगा, उद्योग मंत्री देवांगन स्थानीय बेरोजगारों के लिए लगातार सार्थक प्रयास कर रहे हैं।

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