कोरबा (ट्रैक सिटी)। JCB एजेंसी के नाम पर व्यापारी से कथित ठगी के मामले में आरोपी की तलाश के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा सरकारी प्रक्रिया और निर्धारित नियमों का पालन नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम को ट्रेन से रवाना होना था, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया को दरकिनार कर टीम द्वारा हवाई सफर किए जाने की बात सामने आई। आरोप है कि इस हवाई यात्रा के लिए पीड़ित से संबंधित रकम का इस्तेमाल किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर रेंज IG ने निरीक्षक समेत 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
मामले में 1निरीक्षक,1 उप निरीक्षक एवं प्रभारी अधिकारी राम पाण्डेय,5 आरक्षक व 1 प्रधान आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
आरोपी को पकड़ने के लिए तय थी ट्रेन यात्रा
जानकारी के अनुसार JCB एजेंसी के नाम पर व्यापारी से ठगी की शिकायत के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को बाहर रवाना होना था। इसके लिए सरकारी स्तर पर निर्धारित यात्रा प्रक्रिया के तहत ट्रेन से जाने की योजना थी। लेकिन पुलिस टीम ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बजाय ट्रेन की यात्रा नहीं की और हवाई मार्ग से आरोपी की तलाश में रवाना हो गई।
सबसे गंभीर बात यह रही कि आरोप है कि हवाई यात्रा के लिए पीड़ित से संबंधित रकम का उपयोग किया गया। यानी जिस मामले में व्यापारी ठगी का शिकार हुआ, उसी प्रकरण से जुड़ी रकम को पुलिसकर्मियों की यात्रा में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया।
सरकारी नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
पुलिसकर्मियों द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के नाम पर सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार करना वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया। मामले में ड्यूटी के दौरान निर्धारित नियमों, यात्रा प्रक्रिया और रकम के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया गया।
घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर IG ने विभागीय स्तर पर कड़ा कदम उठाते हुए सभी 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि आरोपी की गिरफ्तारी जैसी महत्वपूर्ण कार्रवाई में भी पुलिसकर्मियों को निर्धारित सरकारी प्रक्रिया और नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले में यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि निर्धारित ट्रेन यात्रा को छोड़कर हवाई यात्रा करने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया, इसकी अनुमति किसने दी और पीड़ित से संबंधित रकम का इस्तेमाल किस परिस्थिति में किया गया। विभागीय जांच में इन बिंदुओं पर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
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