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बाल श्रमिकों को चिन्हांकित कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ें – कलेक्टर

बाल श्रम को रोकने समय-समय पर अभियान चलाने के दिए निर्देश

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Track city. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले को बाल श्रमिक से मुक्त बनाए जाने के लिए कलेक्टर राहुल देव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गिरिजाशंकर जायसवाल की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बालकों से कार्य लिया जाना बाल श्रम माना गया है। बाल प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 के तहत बाल श्रमिकों को मुक्त कराकर पुनर्वासित करना है। उन्होंने बाल श्रम कराए जाने वाले संस्थानो, होटलों, ढाबों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों पर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए बालकों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़े। साथ ही शासन द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं से उन्हें लाभान्वित किया जाए।

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1098 पर कॉल कर दे सकते है बाल श्रम की जानकारी

कलेक्टर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा नाबालिग जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए चाइल्ड लाइन हेल्पलाइन नंबर 1098 शुरू किया गया है। इस नंबर पर कोई भी बच्चा आपातकाल के समय फोन करके मदद ले सकता है। साथ ही कोई भी व्यक्ति 1098 पर कॉल कर बाल श्रम के संबंध में जानकारी दे सकते है। उन्होंने विगत वर्ष बाल श्रमिक के प्रकरण और उस पर कार्यवाही की जानकारी ली और जिले में बाल श्रम को रोकने के लिए पुलिस विभाग के सहयोग से समय-समय पर अभियान चलाने के निर्देश दिए।

बाल श्रमिक कानूनन अपराध – एसएसपी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जायसवाल ने कहा कि बाल श्रमिक कानूनन अपराध है। शिक्षा से वंचित जो बालक श्रमिक का कार्य करते है, उसकी तत्काल सूचना दें और ऐसे बालकों को अध्ययन के लिए स्कूल में भेजें। बालकों को श्रमिक के रूप में काम लेने वाले उनके अधिकारों का हनन करते है। ऐसे लोगों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

बाल श्रम को मुक्त करने के साथ जागरूकता अभियान जरूरी – अपर कलेक्टर

अपर कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पांडेय तिवारी ने कहा कि जिन बालकों के हाथों में पुस्तक होना चाहिए, उनसे मजदूरी कराना अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम को मुक्त करने के साथ ही साथ समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि जिले के सभी संस्थान एवं ऐसी संयोजित कार्य स्थल जहां पर बाल श्रम को लगाया गया है, वह स्वेच्छा से बाल श्रम को हटा दें। बैठक में बाल श्रम निषेध के लिए किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की गई। इस अवसर संबंधित अधिकारी और जिला बाल संरक्षण इकाई के सदस्यगण मौजूद रहे।

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