कोरबा (ट्रैक सिटी) गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता हैं। पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ था।गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेशजी की पूजा की जाती है। सनातन शास्त्रों के अनुसार इसी दिन रिद्धि सिद्धि के दाता, विध्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ था। प्रत्येक शुभ और मांगलिक कार्यों में सर्वप्रथम गणेश जी को पूजा जाता हैं।
गणेश जी को प्रथम पूज्य देव कहा गया है। श्री गणेश जी सुख समृद्धि दाता भी है। इनकी कृपा से परिवार पर आने वाले संकट और विध्न दूर हो जाते हैं। कई प्रमुख जगहों पर भगवान गणेश की बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस प्रतिमा का नौ दिनों तक पूजन किया जाता है। बड़ी संख्या में आस पास के लोग दर्शन करने पहुँचते है। नौ दिन बाद गानों और बाजों के साथ गणेश प्रतिमा को किसी नदी, तालाब, महासागर इत्यादि जल में विसर्जित किया जाता है। गणेशजी को लंबोदर के नाम से भी जाना जाता है ।
श्री श्री सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति नया शिव मंदिर पुरानी बस्ती कोरबा के द्वारा प्रथम वर्ष गणेशजी की मूर्ति स्थापित की गई है। आकर्षक पंडाल एवं विद्युत सज्जा लोगों का मन मोह रहे है। गणपति बप्पा मोरिया के स्वरों से गली, मोहल्ला गुंजायमान है। प्रतिदिन स्थापना मंडप में श्री गणेश जी की सुबह शाम नियमित रूप से समूह में आरती की जाती हैं।
गणेश स्थापना से विसर्जन तक मूर्ति की सुरक्षा एवं देखरेख की जिम्मेदारी के समिति के संरक्षक गण मोतीलाल केवट,राधारमण श्रीवास, अध्यक्ष रिंकू साहू, उपाध्यक्ष लकी उपाध्याय, सचिव नितेश सिंह, कोषाध्यक्ष अतुल साहू, सह सचिव प्रिंस गुप्ता, कार्यकर्ता माखन केवट, महेश केवट, हर्ष सिंह, मयंक केवट, आयुष केवट लगे हुए हैं।

