रायपुर

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन : 41.56 करोड़ रूपए की कार्ययोजना अनुमोदित

मुख्य सचिव ने मैदानी क्षेत्रों में फसल प्रदर्शन को प्रभावी बनाने के दिए निर्देश

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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन की राज्य स्तरीय बैठक में वर्ष 2022-23 के लिए कुल 41 करोड़ 56 लाख 10 हजार रूपए के कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राष्ट्रीय खाद्य मिशन के तहत चावल उत्पादन के लिए 10 करोड़ 29 लाख 80 हजार रूपए, दलहन उत्पादन के लिए 25 करोड़ 56 लाख 10 हजार रूपए, मोटे अनाज उत्पादन के लिए एक करोड़ 34 लाख 20 हजार और पोषक अनाज उत्पादन के लिए चार करोड़ 25 लाख रूपए की कार्ययोजना शामिल है। बैठक में मुख्य सचिव ने मैदानी क्षेत्रों में फसल प्रदर्शन को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में मिशन संचालक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन श्री यशवंत कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (चावल उत्पादन योजना) के अंतर्गत राज्य के 14 जिले शामिल किए गए है। इसमें रायपुर, बलौदाबाजार, राजनांदगांव, कबीरधाम, बिलासपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, कोरबा, रायगढ़, कोरिया, जशपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर शामिल है। इसी प्रकार से दलहन योजना के अंतर्गत राज्य के सभी 28 जिले शामिल किए गए है। मोटे अनाज (मक्का) के लिए राज्य के आठ जिलों का चयन किया गया है इसमें गरियाबंद, कोरिया, बलरामपुर, सूरजपुर, जगदलपुर, कोण्डागांव और कांकेर शामिल है। पोषक अनाज कोदो-कुटकी के लिए राजनांदगांव, कबीरधाम, सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोण्डागांव और सुकमा जिले शामिल किए गए।
बैठक में बताया गया कि खाद्य सुरक्षा मिशन (धान) के अंतर्गत पिछले वर्ष जिंक फोर्टीफाइड किस्म का 500 हेक्टेयर और सुगंधित धान 1550 हेक्टेयर में प्रदर्शन आयोजित किया गया। किसानों को इन फसलों को लेने हेतु प्रोत्साहित किया गया है। किसानों को पोषक अनाज कोदो-कुटकी, रागी की फसलों के बीज उपलब्ध कराने के लिए 228 क्विंटल रागी एवं 120 क्विंटल कोदो का प्रमाणित बीज उत्पादन किया गया है। बैठक में पॉम आयल के पौधों के वृद्धि की जहां ज्यादा संभावना है उन्हीं क्षेत्रों में इसका उत्पादन किया जाए। उन्होंने महुआ, नीम, करंज के उत्पादन पर जोर दिया गया।
बैठक में सामान्य धान के बदले सुगंधित धान, जिंक धान, फोर्टीफाइड धान की फसल लेने किसानों को प्रोत्साहित करने, फसल प्रदर्शन, पोषक अनाज कोदो, कुटकी, रागी की फसलों के बीजो की उपलब्धता सहित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत राज्य में चावल, दलहन-तिलहन, मोटे और पोषक अनाज उत्पादन की पिछले वर्ष की प्रगति एवं वर्ष 2022-23 की कार्ययोजना के संबंध में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
किसानों को वर्मी कम्पोस्ट खाद अनुदान पर वितरण किया जा रहा है। इसमें 2668 क्विंटल चावल के लिए एवं 8492 दलहन फसलों के लिए वर्मी कम्पोस्ट वितरण किया गया है।
बैठक में कृषि विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग के सचिव एन.एन.एक्का, आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के सचिव डी.डी.सिंह सहित वन, जल संसाधन, वाणिज्य एवं उद्योग, ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, समाज कल्याण, खाद्य, उद्यानिकी सहित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम, राष्ट्रीय जैविक स्टेट प्रबंधन संस्थान एवं नाबार्ड के अधिकारी शामिल हुए।

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