Korba

अच्छी बारिश और बढ़े समर्थन मूल्य से खिले किसानों के चेहरे।

खेतों से खलिहान तक गूंज रही खुशियों की फसल।

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कोरबा (ट्रैक सिटी)/ ग्राम पतरापाली के किसान राजाराम राठिया के चेहरे पर इन दिनों खुशी झलक रही है। कुछ महीने पहले तक जो चेहरे चिंता की लकीरों से भरे थे, अब वही चेहरे मेहनत की फसल देखकर खिल उठे हैं। पहाड़ी इलाके में कठिन परिश्रम कर खेत जोतने और धान बोने वाले किसान राजाराम को अब राहत है कि इस साल बारिश ने उनका साथ दिया।

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राजाराम बताते हैं कि जून-जुलाई के महीनों में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने बीज बोए थे, लेकिन दिल में यह डर भी था कि कहीं बारिश धोखा न दे। उनकी मेहनत रंग लाई – खेत लहलहा उठे और अब वे पकी फसल की कटाई कर खलिहान तक पहुंचाने में जुटे हैं।

किसान राजाराम राठिया कहते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल कर देना हम किसानों के लिए बहुत बड़ा तोहफा है। इसके साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी का निर्णय किसानों को आर्थिक संबल देगा। लगभग 20 एकड़ में फसल लेने वाले राजाराम ने बताया कि कटाई का काम अंतिम चरण में है और जल्द ही वे अपनी उपज कोरकोमा धान उपार्जन केंद्र में बेचेंगे। उनका पंजीयन भी पूरा हो चुका है।

राजाराम की पत्नी जानकी बाई राठिया कहती हैं कि “हम सबने मिलकर धान बोया था, आज उसे पकते और लहलहाते देखना बहुत सुखद है। पहले कई बार बारिश की कमी से फसल खेतों में ही सूख जाती थी, पर इस बार मौसम ने साथ दिया और मेहनत सफल हुई।”

पतरापाली क्षेत्र के किसानों के लिए यह मौसम उम्मीदों और खुशियों का संगम लेकर आया है। खेतों में झूमती फसलें, खलिहानों में पहुंचते धान के ढेर और किसानों के चेहरों पर मुस्कान कृ यह सब मिलकर एक नई कहानी कह रहे हैं कि जब मेहनत और मौसम दोनों साथ हों, तो किसानी सचमुच खुशहाली का पर्याय बन जाती है

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