कोरबा

डिनर पर आए गेस्ट से वादे के विपरीत सेवा में कमी, फोर सीजन द रेस्टोरेंट पर 17 हजार जुर्माना।

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कोरबा का फैसला।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (1)

कोरबा (ट्रैक सिटी)। डिनर पर आए गेस्ट से वादे के विपरीत सेवा में कमी साबित होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कोरबा ने होटल फोर सीजन द रेस्टोरेंट पर 17 हजार का जुर्माना लगाया है। होटल द्वारा बताई गई पार्किंग पर खड़ी की गई गाड़ी की हैडलाइट क्षतिग्रस्त हो गई थी। रेस्टोरेंट संचालक ने पहले मरम्मत खर्च देने का वादा किया पर बाद में मुकर गया।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.39.07

नरसिंग गंगा कालोनी, न्यू पोड़ीबहार कोरबा निवासी एवं अधिवक्ता हेमंत गौतम ने सुनालिया बाईपास रोड टीपी नगर में संचालित होटल फोर सिजन रेस्टोरेंट के विरुद्ध जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कोरबा में यह मामला दायर किया था। परिवादी गौतम द्वारा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के तहत यह परिवाद पत्र पेश करते हुए विरोधीपक्षकार होटल संचालक हिमांशू सिन्हा के विरूद्ध सेवा में कमी का अभिकथन करते हुए क्षतिपूर्ति राशि, सहित अन्य अनुतोष दिलाए जाने हेतु परिवाद प्रस्तुत किया था।

परिवादी हेमंत गौतम 5 अगस्त 2023 को अपने परिवार के साथ फोर सीजन रेस्टोरेंट में रात्रि भोजन के लिए गए हुए थे। रेस्टोरेन्ट में उपस्थित सिक्योरिटी गार्ड के कहने पर परिवादी ने अपना वाहन महिन्द्रा बुलेरो नीयो क्रमांक- सीजी 12 बीएफ 4193 को रेस्टोरेन्ट के बगल में (महिन्द्रा सर्विस सेन्टर के रिक्त प्लॉट) में अपने वाहन को खड़ा कर दिया गया। साथ ही गार्ड ने यह भी कहा कि और जितनी गाड़ियां खड़ी हैं, उसमें भी लोग रेस्टोरेंट खाना खाने के लिए ही आए हैं। आप भी अपना वाहन पार्क कर दीजिए, वाहन सुरक्षित रहेगा। रेस्टॉरेंट में आने वाले आगंतुकों का वाहन यहीं भी पार्क कराया जाता है।

पर जब डिनर के बाद परिवादी वापस जाने रेस्टोरेंट से पार्किंग पर पहुंचे तो पाया कि उनके वाहन में ड्राईवर के तरफ की हेड लाईट तक पैनल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त था। इसकी शिकायत होटल संचालक से की गई, तब उन्होंने कहा कि उक्त पार्किंग स्थान पर सीसीटीवी कैमरा लगा है। होटल संचालक ने गौतम के वाहन के क्षतिग्रस्त होने पर माफी मांगी और वाहन में आने वाले मरम्मत के खर्च को वहन कर करने का वादा कर रवाना कर दिया।

पर बाद में जब वाहन स्वामी और परिवादी हेमंत गौतम ने होटल संचालक से मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने किसी भी प्रकार के सहयोग से स्पष्ट इंकार कर दिया। साथ ही कहा कि जिस तरफ रेस्टोरेंट के गार्ड द्वारा वाहन पार्क कराया गया था, वहां कोई कैमरा नहीं है। होटल संचालक ने किसी भी तरह से वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की। आखिरकार गौतम ने स्वयं के व्यय पर अपने वाहन में आई क्षति का मरम्मत के कराया।

सेवा में कमी किए जाने से आहत परिवादी हेमंत गौतम ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के समक्ष परिवाद प्रस्तुत करते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। संम्पूर्ण विवेचना के आधार पर अध्यक्ष जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, कोरबा रंजना दत्ता एवं सदस्य पंकज कुमार देवड़ा द्वारा आदेश जारी कर होटल फोर सीजन के संचालक हिमांशू सिन्हा को 30 दिनों के भीतर क्षतिपूर्ति के एवज में 10,000 रुपए एवं वाद व्यय के रूप में 7,000 रुपए भुगतान करने के आदेश जारी किए हैं। ऐसा न करने पर आदेश दिनांक से भुगतान दिनांक तक 09 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज आदेशित राशि पर भुगतान करना होगा।

होटल की वैलिड पार्किंग सेवाएं उनके गेस्ट के लिए विशेषाधिकार : आयोग

यह निर्णय सुनाते हुए जिला आयोग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के एक मामले को भी रेखांकित किया है। इसमें ताजमहल होटल बनाम युनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी व दो अन्य पेटिशन के मामले में यह अवधारित किया गया है कि होटलों द्वारा दी जाने वाली वैलिड पार्किंग सेवाएं उनके मेहमानों की सुविधा के लिए एक विशेष विशेषाधिकार है।

Editor in chief | Website |  + posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button