कोरबा

मसाहती ग्रामों का सर्वे दो माह के भीतर सुनिश्चित करें : कलेक्टर।

कलेक्टर ने ली तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की बैठक।

*मादक फसल की पड़ताल और कार्यवाही के दिए निर्देश*

कोरबा (ट्रैक सिटी)/ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की बैठक लेकर मसाहती ग्रामों में चल रहे सर्वे की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मसाहती ग्रामों का सर्वे दो माह के भीतर पूर्ण कर लिया जाए तथा इसका प्रारंभिक एवं अंतिम प्रकाशन चरणबद्ध रूप से कर भुइयां पोर्टल में अपलोड किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि मसाहती ग्रामों का सर्वे सही और व्यवस्थित तरीके से किया जाए, ताकि भविष्य में शासन की योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए भूमि उपयोग में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर दुदावत ने सर्वे पूर्ण कर अंतिम प्रकाशन के उपरांत भुइयां में समयबद्ध अपलोडिंग के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता में लेने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि मसाहती ग्रामों की मिसल का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाए और सर्वे के दौरान किसी भी कृषक या ग्रामवासी की भूमि प्रारंभिक प्रकाशन से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि यह शासन की उच्च प्राथमिकता वाला कार्य है, जिससे भूमि विवाद, सीमांकन विवाद तथा रिकार्ड संबंधी समस्याओं का समाधान होगा।

उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 113 मसाहती ग्राम हैं, जिनमें से 20 ग्रामों का प्रारंभिक प्रकाशन तथा 13 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन हो चुका है। छह अन्य ग्राम अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया में हैं। कलेक्टर द्वारा राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर लगातार मसाहती ग्रामों के सर्वे कार्य की समीक्षा की जा रही है और दावेदृआपत्ति उपरांत अंतिम प्रकाशन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि भूमि संबंधी रिकॉर्ड अद्यतन हो सके और विवाद समाप्त हों।

बैठक में निगमायुक्त आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज, अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक, पटवारी उपस्थित रहे।

*मादक फसल पर कड़ी कार्यवाही करें : कलेक्टर*

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की बैठक लेकर निर्देशित किया कि जिले में नशे या मादक पदार्थ से जुड़ी फसलों की खेती करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने 25 मार्च तक राजस्व अधिकारियों की टीम द्वारा खेतों की जांच कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने राजस्व टीम को नियमित भ्रमण करने, फार्म हाउस अथवा बाउंड्रीवाल के भीतर ली जा रही फसलों की जांच करने तथा मादक फसल पाए जाने पर नारकोटिक्स एक्ट (एनडीपीएस) के तहत कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नशे को बढ़ावा देने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी स्थान पर इस प्रकार की फसल ली जा रही हो तो इसकी सूचना प्रशासन को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

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