कोरबा (ट्रैक सिटी)/ छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक जगदीश खरे के नेतृत्व में आज जिले के सैकड़ों कर्मचारी-अधिकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार आक्रोश व्यक्त किया। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार भोजनावकाश के दौरान कर्मचारी-अधिकारी रैली के रूप में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और संयुक्त कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान “अब नई सहिबो, अब नहीं सहिबो – मोदी की गारंटी लेके रहिबो” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा, जिससे कर्मचारियों का आक्रोश स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि मोदी की गारंटी के अनुरूप जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता (DA) एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए। इसके साथ ही प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नति/समयमान वेतनमान (8, 16, 24 एवं 32 वर्ष) लागू करने, अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस करने तथा विभिन्न संवर्गों में व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर करने हेतु पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
इसके अतिरिक्त शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर समस्त सेवा लाभ देने, अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त लागू कर 10% की सीमा समाप्त करने, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति प्रदान करने तथा सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने सहित 11 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से रखा गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से डॉ. तरुण सिंह राठौर, ओमप्रकाश बघेल, रामकपूर कुर्रे, तरुण वैष्णव, सर्वेश सोनी, मानसिंह राठिया, नित्यानंद यादव, मिथलेश वर्मा, संवित साहू, सनत राठौर, विपिन यादव,टी.आर. कुर्रे, आर.के. पाण्डेय, एस.के. द्विवेदी, अनूप कोराम, रामजी कंवर, के.एस. कंवर, लोक नारायण जायसवाल, जयप्रकाश झा, विनोद सांडे, कीर्ति लहरे, राधा रमण श्रीवास, पुरुषोत्तम तिवारी, मंजू शर्मा, किरण गुप्ता,अनुपा खाखा, ज्योति कंवर, अलका तिर्की, ईशा एक्का, दुर्गा सोंधिया, संतोषी सिंह, बी. किसपोट्टा, सुखीराम कश्यप, सरिता सूर्यवंशी, बिनु गिरी, दिलेराम पटेल, जय राठौर, तिरिथ कंवर, यशपाल राठौर, देवनारायण चौकसे, रतन छेदाम, नोहर चंद्रा, राजेश तिवारी, राजेंद्र मिश्रा, दिनेश सिंह, विनय शुक्ला, उत्तरा साहू, सतीश गुप्ता, रामनारायण राजवाड़े, बाबूलाल निराला, नाथूराम खैरवार, दिलेश्वर कंवर, रामदास नागरची, नन्दलाल पैकरा, तुमेश्वर राठौर सहित सैकड़ों कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो आगामी समय में आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

